चंद्रपुर में चारे की बुवाई शुरू, प्रभारी मंत्री उईके बोले पशुधन के लिए पानी-चारे का इंतजाम अभी करें
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भद्रावती तालुका के आष्टी (काकडे) गांव के तालाब में मक्का चारे की बुवाई के साथ जिला स्तरीय चारा खेती अभियान की शुरुआत हुई।
चंद्रपुर जिले में चारा बुवाई का जिला स्तरीय अभियान शुक्रवार को शुरू हुआ। भद्रावती तालुका के आष्टी (काकडे) गांव के तालाब में मक्का चारे की बुवाई करके इसका शुभारंभ किया गया। राज्य के आदिवासी विकास मंत्री और चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री डॉ. अशोक उईके ने यह शुभारंभ किया।
डॉ. उईके ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात बन गए हैं और ऐसे में पशुधन को जिंदा रखना जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर अभी से पशुओं के लिए चारे और पानी का सही इंतजाम किया जाए तो लोगों की भागीदारी से इस हालात पर जरूर काबू पाया जाएगा।
कार्यक्रम में वरोरा के विधायक करण देवतळे, जिलाधिकारी वसुमना पंत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह और भद्रावती के खंड विकास अधिकारी आशुतोष सपकाळ मौजूद थे।
पालकमंत्री ने बताया कि जिले के पांच पूर्व मालगुजारी (मामा) तालाबों और लघु सिंचाई (लसि) तालाबों में महिला बचत समूहों के जरिए चारा लगाया जा रहा है। इससे बचत समूहों की आर्थिक हालत भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि इस काम को जन आंदोलन बनाने के लिए जिले में दूसरी जगहों पर भी चारा बुवाई अभियान चलाए जाएंगे। गांव के हर आदमी को लगना चाहिए कि यह अभियान उनके अपने पशुधन के लिए है।
डॉ. उईके ने कहा कि जनता की भागीदारी से ही आंदोलन खड़ा होता है। आज मंत्री, विधायक, कलेक्टर और सीईओ सब आपके गांव में चारा बुवाई का उद्घाटन करने आए हैं। चारा बुवाई सिर्फ एक शब्द नहीं है, इसका महत्व बहुत बड़ा है और लोग इसकी गंभीरता समझें। उन्होंने कहा कि चारा बुवाई और पानी के इंतजाम में इस गांव की मिसाल दूसरे गांव भी अपनाएं। महिलाएं आगे आती हैं तो बदलाव जरूर होता है। उन्होंने अपील की कि चारा बुवाई और पानी के इंतजाम में चंद्रपुर जिला महाराष्ट्र में सबसे आगे रहे।
विधायक करण देवतळे ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पानी और चारे की कमी से निपटने की योजना बनाई गई है और गांव वाले प्रशासन का साथ दें। उन्होंने भरोसा जताया कि सूखे के हालात में चारे और पानी की किल्लत पर जरूर काबू पाया जाएगा।
इससे पहले पशुपालन विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सुहास रोडे, पशुधन विकास अधिकारी डॉ. सतीश अगडते और डॉ. प्रमोद जल्लेवार ने जानकारी दी। उन्होंने घटिया चारे को पौष्टिक बनाने, साइलेज और अजोला के प्रदर्शन के साथ चारा साक्षरता अभियान और संवर्धन योजना के बारे में बताया। इस मौके पर लोगों को मुफ्त चारा बीज और कलमें बांटी गईं। मक्का चारा बीज की बुवाई के बाद पालकमंत्री के हाथों जिला स्तरीय शुभारंभ पूरा हुआ।
कार्यक्रम की प्रस्तावना खंड विकास अधिकारी आशुतोष सपकाळ ने रखी। संचालन विस्तार अधिकारी प्रणाली भागवत ने किया और आभार डॉ. सतीश अगडते ने माना। कार्यक्रम में तालुका के किसान, महिला बचत समूह, क्षेत्र संघ की महिलाएं और दूसरे नागरिक मौजूद थे।
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