नागपुर में संघ का विजयादशमी उत्सव आज, मंच पर वंदे मातरम् और भारतीय अस्मि कार्बाइन
रेशीमबाग मैदान पर मंगलवार, 20 अक्टूबर को होने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव की तैयारी पूरी हो गई है।
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नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव की तैयारी पूरी हो चुकी है। आज, मंगलवार 20 अक्टूबर को रेशीमबाग मैदान पर होने वाले इस कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का उद्बोधन होगा। संघ के शताब्दी वर्ष का समापन और आगे की राह, दोनों के लिहाज से इस समारोह पर पूरे देश की नजर है।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और शस्त्र पूजन से हुई। इस बार शस्त्र पूजन की जगह पर पारंपरिक शस्त्रों के साथ पूरी तरह भारतीय बनावट की अत्याधुनिक अस्मि कार्बाइन भी रखी गई है। अब सबकी नजर इस पर है कि सरसंघचालक अपने मार्गदर्शन भाषण में क्या बोलते हैं और किन मुद्दों को छूते हैं।
मुख्य मंच के बैकड्रॉप पर लिखा संदेश सबका ध्यान खींच रहा है। वहां "जय जय गूंजे भारत माँ की, उसी के हित में हम जिए मरे" लिखा है, यानी देश हित सबसे अहम है। बैकड्रॉप पर तीन बातें खास दिखती हैं। पहली, यही पंक्ति। दूसरी, दाईं तरफ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का जिक्र। इस साल संसद ने सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य करने वाला Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Act, 2026 पास किया था, जिसके जरिए इस राष्ट्रीय गीत को कानूनी संरक्षण दिया गया है।
तीसरी बात बैकड्रॉप के बाईं तरफ है, जहां देवी माता की तस्वीर के साथ "त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी। कमला कमलदलविहारिणी। वाणी विद्यादायिनी" की काव्यात्मक पंक्तियां लिखी गई हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस और कुछ संगठनों ने वंदे मातरम् के देवी की आराधना वाले इस अंतरे पर आपत्ति जताई थी।
मंच पर संघ की ओर से सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मौजूद रहेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर दैनिक जागरण के मुख्य संपादक संजय गुप्ता को बुलाया गया है। इनके अलावा पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और मुंबई में इस्राइल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच को भी कार्यक्रम के लिए न्योता दिया गया है। धनखड़ कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं।
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयंसेवकों की पूरी वर्दी में उत्सव में हाजिर हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी पूरी वर्दी में समारोह में शामिल होने पहुंचे हैं। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी स्वयंसेवकों की पूरी वर्दी में आए हैं। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान भी कार्यक्रम में मौजूद हैं, और जानकारी के मुताबिक वे संघ के निमंत्रण पर आए हैं।
संघ के इतिहास के एक अहम पड़ाव पर हो रहे इस समारोह में अब भागवत के भाषण का इंतजार है, जिसमें आगे की दिशा को लेकर उनके विचार सामने आएंगे।