मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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09:09 IST

निर्मल उज्ज्वल सोसायटी के संचालकों पर दबाव और धमकी का आरोप

नागपुर की निर्मल उज्ज्वल क्रेडिट सोसायटी में ठेवीदारों के पैसे अटके हैं। संचालक मंडल का कहना है कि हर पैसा सुरक्षित है और किस्तों में लौटाया जाएगा।

निर्मल उज्ज्वल सोसायटी के संचालकों पर दबाव और धमकी का आरोप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

निर्मल उज्ज्वल सोसायटी के मामले के बाद नागपुर समेत दूसरे इलाकों के ठेवीदारों की नजर अब संस्था के मौजूदा हालात पर टिकी है। ठेवियों को लेकर कौन सी जानकारी आधिकारिक तौर पर उपलब्ध है, यह समझना जरूरी है। केंद्रीय सहकारी संस्था निबंधक की वेबसाइट पर संस्था से जुड़ी नियामक एंट्री और धारा 86 के तहत एक नोटिस दर्ज है।

नागपुर की इस जानी-मानी निर्मल उज्ज्वल क्रेडिट सोसायटी में फिलहाल कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से ठेवीदारों का पैसा अटक गया है। संचालकों का कहना है कि दूसरी संस्थाओं की तरह यहां के संचालक भागे नहीं हैं और संस्था के दफ्तर पर ताला भी नहीं लगा है। इसके उलट संचालक मंडल रोज दफ्तर में बैठकर हालात का सामना कर रहा है। उसने पूरे भरोसे के साथ कहा है कि हर ठेवीदार का एक-एक पैसा सुरक्षित है और वह किस्तों में लौटाया जाएगा।

इसके बावजूद सामने आ रहा है कि कुछ स्वार्थी लोग इस हालात का गलत फायदा उठाने की कोशिश में हैं। मिली जानकारी के मुताबिक चंद्रपुर के कुछ लोग इस मुश्किल घड़ी में अपना उल्लू सीधा करने में लगे हैं। खुद को सबका तारणहार या देवता समझने वाले ये लोग आम और भोले ठेवीदारों को साथ लेकर हंगामा कर रहे हैं। आरोप है कि वे संचालकों पर गलत तरीके से दबाव डालकर और धमकियां देकर सबसे पहले अपना ही पैसा निकलवाने में पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

इन तथाकथित नेताओं की बोली और भाषणबाजी आम ठेवीदारों की भलाई के लिए नहीं है। वह सिर्फ इसलिए इस्तेमाल हो रही है कि उनकी खुद की अटकी रकम बाहर आ जाए। दूसरे ठेवीदारों के कंधे पर बंदूक रखकर अपना मतलब साधना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गुस्सा दिलाने वाली बात है।

संस्था के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि संचालकों की सच्ची नीयत सभी ठेवीदारों का पैसा लौटाने की है। तकनीकी दिक्कतों की वजह से अटकी रकम किस्तों में दी जा रही है। अगर कुछ गिने-चुने लोगों ने दबाव बनाकर अपना पैसा पहले निकाल लिया, तो इसका सीधा नुकसान दूसरे हजारों ईमानदार और सब्र रखने वाले ठेवीदारों को उठाना पड़ सकता है।

ऐसे में सभी ठेवीदारों को अफवाहों पर यकीन किए बिना और दबाव डालने वाले लोगों के उकसावे में आए बिना सब्र रखने की सख्त जरूरत बताई जा रही है। संचालक मंडल जिम्मेदारी से काम कर रहा है और रास्ता निकालने की कोशिश में है। इस बीच कुछ लोगों ने मौके का फायदा उठाने के इरादे से जो अड़चन खड़ी की है, वह सबके हित को नुकसान पहुंचा सकती है।

इसलिए आम ठेवीदारों को एकजुट होकर ऐसी स्वार्थी सोच का विरोध करना चाहिए और संस्था को पटरी पर लाने में सहयोग करना चाहिए। समझदार सदस्यों के बीच यही भावना जताई जा रही है।

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