चंद्रपुर में WCL के फोरमैन से शेयर बाजार के नाम पर 9.90 लाख रुपये की ठगी
चंद्रपुर साइबर पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता को फेसबुक विज्ञापन के जरिए व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था।
चंद्रपुर में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ज्यादा मुनाफे का लालच देकर 53 साल के एक कर्मचारी से 9 लाख 90 हजार रुपये की ठगी की गई। इस मामले में चंद्रपुर साइबर पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने फेसबुक पर एक विज्ञापन और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए शिकायतकर्ता को अपने जाल में फंसाया। 30 अगस्त से 22 सितंबर 2026 के बीच कुल 11 ट्रांजैक्शन में यह रकम आरोपियों के बताए खातों में भेजी गई।
पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता केशव रामदास पिंपळकर (53) चंद्रपुर के भिवापूर वार्ड में जुना बियाणी चौक इलाके के रहने वाले हैं। यह इलाका आरसीईआरटी इंजीनियरिंग कॉलेज के पास है। वे वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के लालपेठ में फोरमैन के पद पर काम करते हैं। उन्हें शेयर बाजार की थोड़ी जानकारी थी और पहले वे Groww ऐप से कुछ निवेश कर चुके थे।
20 अगस्त 2026 को वे फेसबुक देख रहे थे, तभी उन्हें शेयर बाजार में निवेश का एक विज्ञापन दिखा। विज्ञापन में दिए लिंक से उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप "sig Susquehanna" में जोड़ दिया गया, जिसमें पहले से 118 सदस्य थे। पुलिस ने बताया कि शिखा शर्मा, प्रोफेसर जिग्नेश वोरा और एडमिन नाम वाले अज्ञात लोगों ने व्हाट्सऐप मैसेज और ऑनलाइन क्लास के जरिए उन्हें भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में बताया और निवेश के लिए प्रेरित किया। ग्रुप के बाकी सदस्यों को बड़ा फायदा होता दिखा तो पिंपळकर ने भी पैसे लगाने का फैसला कर लिया।
उन लोगों के कहने पर पिंपळकर ने Niftypwm नाम का ऐप डाउनलोड किया। 30 अगस्त को शुरुआत में उन्होंने 10,000 रुपये भरे, तो ऐप में उन्हें 1,100 रुपये का फायदा दिखाया गया। इसके बाद उन्होंने अपने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक के खातों से 30 अगस्त से 22 सितंबर 2026 के बीच 11 अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए। इनमें कुल 9 लाख 90 हजार रुपये आरोपियों के दिए बैंक खातों में गए।
ऐप में इस रकम पर 79 लाख 59 हजार 470 रुपये का मुनाफा दिखाया गया। लेकिन जब पिंपळकर ने यह मुनाफा और अपनी मूल रकम निकालने की कोशिश की, तो पता चला कि ऐप से पैसे निकल ही नहीं रहे। उलटे ऐप पर 23 लाख 529 रुपये का बकाया कर्ज (Outstanding Debt Amount) दिखा दिया गया। मैसेज आया कि यह कर्ज चुकाए बिना न शेयर बेचे जा सकेंगे और न पैसे निकलेंगे। उन्होंने व्हाट्सऐप पर शिखा शर्मा से बात की, तो उसने बकाया कर्ज भरने के लिए दबाव डाला और मियाद बढ़ाकर कर्ज लेने की सलाह दी।
ऑनलाइन ठगी का एहसास होते ही पिंपळकर ने साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। फिर 1 अक्टूबर 2026 को वे खुद चंद्रपुर साइबर पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और 66(डी) के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 3(5), 308, 318(4) और 319(2) के तहत मामला दर्ज किया है। सहायक पुलिस निरीक्षक राजेंद्र सोनवणे और पुलिस निरीक्षक सुनील विठ्ठलराव गाडे के मार्गदर्शन में मामले की गहराई से जांच चल रही है।