मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

संभाजीनगर में 75 साल की महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 3 करोड़ 80 हजार रुपये की ठगी

व्यंकटेशनगर की एक बुजुर्ग महिला को पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल कर डराया गया और 14 दिन में पांच बैंक खातों से RTGS करवाया गया। जिन्सी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है।

संभाजीनगर में 75 साल की महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 3 करोड़ 80 हजार रुपये की ठगी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

छत्रपति संभाजीनगर के व्यंकटेशनगर में एक 75 साल की महिला को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसाकर उनसे 3 कोटी 80 हजार रुपये, यानी 3 करोड़ 80 हजार रुपये, ठग लिए गए। यह मामला 18 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच का है। इस बारे में जिन्सी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच महिला के मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वह नाशिक क्राइम ब्रांच से बोल रहा है और उसका नाम राजन भिसे है। उसने बताया कि महिला के नाम का मोबाइल नंबर कोई और इस्तेमाल कर रहा है और उसी नंबर से मुंबई की कैनरा बैंक में खाता खोला गया है। उसका कहना था कि इस खाते से आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा भेजा गया है। इस बात से बुजुर्ग महिला डर गईं।

इसके बाद दूसरे शख्स ने कहा कि खाताधारक को दो करोड़ रुपये मिले हैं और उसमें से कमीशन के दो लाख रुपये महिला के खाते में आए हैं। उन्हें बताया गया कि सारे बैंक खातों की जानकारी RBI जांचेगा। साथ ही कहा गया कि सहयोग नहीं किया तो उन्हें अरेस्ट किया जाएगा और उनके बेटे को भी अरेस्ट किया जाएगा। महिला ने उनके कहने के मुताबिक सब किया।

संशयितों ने WhatsApp पर वीडियो कॉल भी किया। सामने बैठा शख्स पुलिस की वर्दी में था और उसके पीछे तिरंगा और नीले रंग का पुलिस का झंडा दिख रहा था। इससे महिला को यकीन हो गया कि फोन करने वाले सच में पुलिस अफसर हैं। इसके बाद 18 सितंबर से 1 अक्टूबर तक रोज सुबह, दोपहर और शाम उन्हें फोन किए जाते रहे।

21 सितंबर को संशयितों ने महिला से उनके सारे बैंक लेनदेन की जानकारी ली। FD होने की बात कहकर उसकी भी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि RBI जांच करेगा और किसी को कुछ बताया तो परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। इस तरह साइबर ठगों ने महिला को अलग-अलग बैंक खातों से अपने बताए खातों में RTGS करने पर मजबूर किया।

रकम इस तरह भेजी गई: 23 सितंबर को देवगिरी नागरी सहकारी बैंक से 62 लाख रुपये, 28 सितंबर को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 89 लाख रुपये, 29 सितंबर को औरंगाबाद जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक से 54 लाख रुपये, 1 अक्टूबर को HDFC बैंक से 55 लाख रुपये और उसी दिन SBI के खाते से 40 लाख 80 हजार रुपये। कुल रकम 3 करोड़ 80 हजार रुपये बैठती है।

महिला घर पर अकेली रहती हैं। उनका बेटा जामनगर में रिलायंस कंपनी में नौकरी करता है और बेटी अमेरिका में रहती है। ठगों ने बेटे को अरेस्ट करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उन्हें डराए रखा। ठगी का पता चलने पर महिला की शिकायत पर जिन्सी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया।

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