गोंदिया में महिला ग्रामसेवक और पति 1 लाख की रिश्वत लेते ACB के जाल में फंसे
पूर्व सैनिक की ५ एकड़ ज़मीन के प्रस्ताव के लिए संकल्प और एनओसी बनाने के बदले १ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए ग्रामसेवक उषा पाटील और उनके पति रमाकांत मोटघरे को एसीबी ने पकड़ा।
गोंदिया में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (ACB) की टीम ने मंगलवार 13 अक्टूबर 2026 को एक महिला ग्रामसेवक और उसके पति को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। मामला एक पूर्व सैनिक की पांच एकड़ खेती की ज़मीन के प्रस्ताव से जुड़ा है, जो उन्होंने सरकार से मिलने वाली ज़मीन के लिए दिया था। दोनों आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं।
पकड़े गए लोगों के नाम उषा जयकृष्ण पाटील और रमाकांत ग्यानीराम मोटघरे हैं। उषा पाटील 42 साल की हैं और आमगांव तहसील के मानेगांव (वर्ग 3) में ग्रामसेवक के पद पर तैनात हैं। उनके पति रमाकांत मोटघरे 54 साल के हैं और पंचायत समिति सालेकसा के गृह संसाधन केंद्र में विषय संसाधन व्यक्ति हैं। यह जोड़ा छोटा गोंदिया की राधाकृष्ण कॉलनी में रहता है।
शिकायत करने वाले पूर्व सैनिक 48 साल के हैं और रिटायर हो चुके हैं। पूर्व सैनिक होने के नाते उन्होंने पांच एकड़ खेती की ज़मीन पाने के लिए गोंदिया के जिलाधिकारी के सामने प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव के लिए ग्राम पंचायत का प्रस्ताव पास कराना था और अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) के कागज़ भी तैयार करवाने थे। आरोप है कि इसी काम के बदले ग्रामसेवक उषा पाटील और उनके पति ने सरपंच और पंचायत सदस्यों के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये मांगे। इसके ऊपर काम शुरू करने के लिए अपने लिए 1 लाख रुपये अलग से मांगे गए।
पूर्व सैनिक रिश्वत देने को राज़ी नहीं थे, इसलिए उन्होंने 9 अक्टूबर को गोंदिया के ACB दफ्तर में शिकायत दी। उसी दिन ACB ने पंचों के सामने और वॉयस रिकॉर्डर की मदद से मांग की जांच की। जांच में आरोपी अपनी 5.5 लाख रुपये की मांग पर टिके रहे और अपने हिस्से के 1 लाख रुपये 13 अक्टूबर को गोंदिया में अपने घर पर लाकर देने को कहा।
उसी हिसाब से 13 अक्टूबर को ACB ने आरोपियों के घर के पास जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को पंच और वॉयस रिकॉर्डर के साथ घर भेजा गया। आरोप है कि महिला ग्रामसेवक ने इशारा किया और पति रमाकांत मोटघरे ने 1 लाख रुपये ले लिए। घात लगाकर बैठी ACB की टीम ने उसी पल दोनों को पकड़ लिया।
इस मामले में गोंदिया शहर पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 844/26 दर्ज हुआ है। लोकसेवक के पद के दुरुपयोग के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 लगाई गई हैं।
कार्रवाई नागपुर रेंज के पुलिस अधीक्षक दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर और विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में हुई। इसकी अगुवाई गोंदिया ACB के पुलिस उपअधीक्षक नीलेश लोधी ने की। उनके साथ पुलिस निरीक्षक अरविंद राऊत और उमाकांत उगले थे। टीम में पुलिस हवलदार बोहरे, कहालकर, शेंडे, बोपचे, काटकर, सोनवाने, बटबर्वे, पटले, डांगे और कुछ और पुलिसकर्मी शामिल रहे।
ACB ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगे तो घबराएं नहीं और सीधे ACB गोंदिया से संपर्क करें। दफ्तर तिरोडा रिंग रोड पर रेलवे गेट के पास है। फोन नंबर 07182 251203 और 9209041064 हैं, ईमेल acbgondia@gmail.com है और टोल फ्री नंबर 1064 है।