सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

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09:21 IST

नागपुर की पानी सुरक्षा पर नज़र, पेंच का भंडारण 50% से नीचे

पेंच जलाशय प्रणाली में भंडारण घटकर 47.85% रह गया है, और NMC ने शहर के पीने के पानी के लिए 190 MCM आरक्षित करने की मांग की है।

नागपुर की पानी सुरक्षा पर नज़र, पेंच का भंडारण 50% से नीचे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर के पानी का सवाल अब सबके सामने आ गया है। पेंच जलाशय प्रणाली में भंडारण घटकर 47.85% रह गया है। इसी को देखते हुए नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने शहर की पीने के पानी की ज़रूरत पूरी करने के लिए 190 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी आरक्षित करने की मांग की है।

जलाशय का स्तर उसकी डिज़ाइन की गई लाइव स्टोरेज क्षमता के आधे से नीचे बना हुआ है। NMC की 190 MCM की मांग से साफ है कि नागपुर शहर के लिए पर्याप्त पानी पक्का करना कितना ज़रूरी हो गया है। पीने के पानी की मांग पहली प्राथमिकता बनी हुई है, इसलिए अधिकारियों के सामने चुनौती यह है कि जो भंडार मौजूद है, उसे संभालें और दूसरी ज़रूरतों के बीच भी संतुलन रखें।

घटते भंडारण का असर खेती पर भी पड़ा है। जल संसाधन विभाग के शुरुआती आकलन में कहा गया है कि बांध के कमांड एरिया में 2026-27 के रबी सीज़न की सिंचाई शायद मुमकिन न हो। यानी यह अभी शुरुआती आकलन है, आखिरी फैसला नहीं।

अगर रबी की सिंचाई नहीं हो पाई, तो जो किसान सर्दियों की फसल के लिए जलाशय के पानी पर निर्भर हैं, उनके लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। उपलब्ध पानी शहर के पीने और खेती की ज़रूरतों के बीच कैसे बंटेगा, यह आखिरी आवंटन के फैसलों से तय होगा।

नागपुर अब सूखे महीनों की तरफ बढ़ रहा है, और ऐसे में पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करना ज़रूरी हो जाता है। पानी की बर्बादी कम करना, लीकेज की मरम्मत करना और पानी को समझदारी से बरतना शहर को अपने संसाधनों में गुज़ारा चलाने में मदद करेगा।

आने वाले हफ्ते अहम होंगे, क्योंकि इन्हीं में तय होगा कि अधिकारी पेंच के भंडार को कैसे संभालते हैं और नागपुर की पीने के पानी की सप्लाई को कैसे सुरक्षित रखते हैं।

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