नागपुर के इतवारी के व्यापारी का GST के तीन अधिकारियों पर आरोप, कोरे कागज पर दस्तखत करवाने की शिकायत
इतवारी के न्यू आयरन मार्केट के व्यापारी भावेश चंद्रकांत गांधी ने सदर थाने में GST के तीन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी है।
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नागपुर के इतवारी अनाज बाजार में न्यू आयरन मार्केट के व्यापारी भावेश चंद्रकांत गांधी ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ सदर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने इन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
गांधी का आरोप है कि GST विभाग के अधिकारी उन्हें फर्जी और झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। पुलिस थाने के अलावा उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और नागपुर के पुलिस आयुक्त को भी शिकायत भेजी है। उनकी मांग है कि पूरे मामले में एफआईआर दर्ज की जाए।
गांधी ने पुलिस को जो लिखित शिकायत दी है, उसके मुताबिक 20 जुलाई 2026 को GST विभाग के तीन अधिकारी अचानक उनके घर पहुंचे। शिकायत में इन अधिकारियों के नाम प्रशांत, देवेंद्रकुमार मरकाम और किशन यादव बताए गए हैं।
आरोप है कि उस दौरान अधिकारियों ने गांधी के पूरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और परेशान किया। यह भी आरोप है कि अधिकारियों ने गांधी पर गलत तरीके से दबाव डाला और कोरे कागजों तथा बयान वाले पन्नों पर जबरन दस्तखत करवा लिए।
गांधी ने गहरी आशंका जताई है कि इन सादे कागजों पर लिए गए दस्तखतों का गलत इस्तेमाल करके उन्हें किसी बड़े और झूठे मुकदमे में फंसाया जा सकता है।
अपनी शिकायत में गांधी ने यह भी कहा है कि अधिकारियों की इस कार्रवाई से उनका कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। उनका आरोप है कि अधिकारी लगातार धमकियां दे रहे हैं और समाज में उनकी इज्जत खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
अपनी जान को खतरा बताते हुए उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की सही धाराओं के तहत अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील भी की है।
सूत्रों के मुताबिक जिन अधिकारियों की शिकायत हुई है, उन पर बड़े अधिकारियों का साया काफी पहले से है। दावा है कि पहले भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अधिकारियों ने जानबूझकर मामले को दबा दिया।
इसके बाद शिकायत करने वालों ने पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) समेत कई जांच एजेंसियों के सामने गुहार लगाई है। सूत्रों का कहना है कि बड़े अधिकारियों की मेहरबानी के चलते छोटे अधिकारियों के हौसले बढ़े हुए हैं।
बताया गया है कि सिर्फ इतवारी के इस व्यापारी ने ही नहीं, कुछ और लोगों ने भी सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बावजूद आरोप है कि पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। अब देखना यह है कि बड़े अधिकारी अपने 'प्रिय' अधिकारियों को कितने दिन और किस तरह बचाते हैं।