अगले 2 साल में आ सकती हैं छोटी हायब्रिड कारें, मारुती, टोयोटा, ह्युंदाई और रेनॉ की तैयारी
नई GST रचना में 18% कर लगने की संभावना से कंपनियां 4 मीटर से छोटी, सस्ती हायब्रिड कारों पर काम कर रही हैं।
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भारत में छोटी कार खरीदने वालों के लिए अगले 2 साल में बड़ी खबर आ सकती है। बताया जा रहा है कि मारुति सुजुकी, टोयोटा, हुंडई और रेनो जैसी कंपनियां सस्ती हाइब्रिड कारें लाने की तैयारी में हैं। करीब 6 नए कॉम्पैक्ट हाइब्रिड मॉडल भारत में उतर सकते हैं, और इनकी लंबाई ज्यादातर 4 मीटर से कम होगी।
इन कारों में पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर लगी होगी। इसलिए ईंधन की बचत और कम उत्सर्जन पर जोर रहने की संभावना है।
सबसे बड़ी राहत कर के मोर्चे पर मिल सकती है। नई GST व्यवस्था के हिसाब से तय लंबाई और इंजन कैपेसिटी की शर्तों में आने वाली छोटी हाइब्रिड कारों पर 18% GST लग सकता है। पहले की व्यवस्था में ऐसी गाड़ियों पर 43% कर लगता था। इससे कंपनियों को हाइब्रिड टेक्नोलॉजी अपेक्षाकृत कम कीमत में देने का मौका मिल सकता है। हालांकि अंतिम मानदंड क्या रहते हैं, यही आखिर में मायने रखेगा।
अभी की बात करें तो भारत में मारुति सुजुकी, टोयोटा, हुंडई, होंडा और किया की हाइब्रिड गाड़ियों की कीमत आम तौर पर 15 लाख रुपये से ऊपर है। उनकी लंबाई भी अक्सर 4.3 मीटर से ज्यादा होती है।
मारुति सुजुकी अपनी खुद की सीरीज हाइब्रिड टेक्नोलॉजी बनाकर फ्रॉन्क्स, बलेनो, स्विफ्ट या ब्रेज़ा जैसे लोकप्रिय मॉडलों में इस्तेमाल कर सकती है। इस प्रणाली में पेट्रोल इंजन मुख्य रूप से बिजली बनाता है और इलेक्ट्रिक मोटर पहियों को चलाती है। यही बात इसे आम पैरेलल हाइब्रिड प्रणाली से अलग करती है। इस टेक्नोलॉजी पर आधारित पहली कार 2027 में आने की संभावना जताई जा रही है। कंपनी ने REEV Light नाम की रेंज-एक्सटेंडर अवधारणा का भी जिक्र किया है, जिसमें बाहर से चार्जिंग की सुविधा हो सकती है।
अगर मारुति फ्रॉन्क्स में सीरीज हाइब्रिड प्रणाली आती है, तो टोयोटा अर्बन क्रूजर टाइज़र में भी वह दी जा सकती है। दोनों कंपनियों की साझेदारी और एक जैसे प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की वजह से यह संभावना चर्चा में है।
हुंडई 2027 के आसपास छोटी हाइब्रिड कार ला सकती है। अगली जनरेशन की क्रेटा में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड प्रणाली मिलने की भी संभावना है। लेकिन इस मॉडल को लेकर अभी कोई पक्की घोषणा नहीं हुई है।
रेनो की ब्रिजर कॉन्सेप्ट पर आधारित कॉम्पैक्ट एसयूवी 2027 के अंत तक आ सकती है, और उसमें भी हाइब्रिड पावरट्रेन मिलने की संभावना है।
1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले CAFE 3 नियमों की वजह से कंपनियों को कम उत्सर्जन वाली गाड़ियों की तरफ मुड़ने की जरूरत और बढ़ेगी। इसलिए आने वाले समय में सस्ती हाइब्रिड कारों का बाजार फैल सकता है।