सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
08:21 IST

बिना वैध परमिट बस चलाने के आरोप में सीताबर्डी पुलिस ने एमपी डिपो मैनेजर और ट्रैवल ऑपरेटरों पर FIR की

सीताबर्डी पुलिस ने बिना वैध परमिट बसें चलाने के आरोप में एमपी बस डिपो मैनेजर और ट्रैवल ऑपरेटरों पर FIR दर्ज की है।

बिना वैध परमिट बस चलाने के आरोप में सीताबर्डी पुलिस ने एमपी डिपो मैनेजर और ट्रैवल ऑपरेटरों पर FIR की तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर की सीताबर्डी पुलिस ने मध्य प्रदेश के बस डिपो मैनेजर रफीक तोमर और कई ट्रैवल ऑपरेटरों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि रेलवे स्टेशन रोड पर बने एक बस स्टैंड से बिना वैध परमिट के यात्री बसें चलाई जा रही थीं।

यह कार्रवाई बस ट्रांसपोर्ट वेलफेयर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे की शिकायत पर हुई है। पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं के साथ मोटर व्हीकल एक्ट के संबंधित प्रावधान भी लगाए हैं। मामले की जांच DCP जोन दो अन्नपूर्णा सिंह कर रही हैं।

शिकायत के मुताबिक आठ बसों के ऑपरेटरों पर परिवहन नियमों के उल्लंघन के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि इनके अलावा 50 से ज्यादा बसें बिना वैध परमिट के चल रही हो सकती हैं।

शिकायत में कहा गया है कि कुछ ऑपरेटरों ने शादियों और खास आयोजनों के लिए जारी अस्थायी परमिट का इस्तेमाल रोज की नियमित यात्री सेवा चलाने में किया। यह भी आरोप है कि अलग-अलग बसें एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर और परमिट के साथ चल रही थीं।

बताया गया है कि ऐसी बसें नागपुर, सिवनी, डिंडोरी और जबलपुर में देखी गई हैं। इसी वजह से कथित गड़बड़ियों की विस्तृत जांच की मांग उठ रही है।

DCP अन्नपूर्णा सिंह खुद एमपी बस डिपो पहुंचीं और बताया गया है कि उन्हें कई गड़बड़ियां मिलीं। बस ऑपरेटरों पर जुर्माना भी लगाया गया है।

तोमर मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। पुलिस के मुताबिक उन पर आरोप है कि वे अब भी बस स्टैंड का कामकाज देख रहे हैं।

शिकायत में ठाकुरदास गुलानी का भी नाम है, जो एक और रिटायर्ड व्यक्ति हैं। इसके अलावा बाबाभाई नाम से पहचाने गए एक शख्स का नाम भी है। इन दोनों पर परिसर में बसों का संचालन संभालने का आरोप है।

शिकायत में आरोप है कि संबंधित लोग डिपो से चलने वाली बसों से रोज पैसे वसूलते हैं, चाहे संबंधित राज्य सरकारों को तय राजस्व मिले या न मिले।

पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है, जिनमें अवैध परमिट और डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन नंबर के इस्तेमाल का शक भी शामिल है। नामजद लोगों के खिलाफ लगे आरोप अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे