मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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21:31 IST

जी.टी.बी. नगर के 1,200 फ्लैट धारकों को 1 नवंबर 2026 से हर महीने 20 हजार रुपये किराया

म्हाडा ने जी.टी.बी. नगर पुनर्विकास में हटाए गए 1,200 फ्लैट धारकों को 1 नवंबर 2026 से 20 हजार रुपये महीना किराया देने की घोषणा की है।

जी.टी.बी. नगर के 1,200 फ्लैट धारकों को 1 नवंबर 2026 से हर महीने 20 हजार रुपये किराया
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

म्हाडा के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जयस्वाल ने आज बताया कि जी.टी.बी. नगर पुनर्विकास प्रोजेक्ट में हटाए गए 1,200 रिहायशी फ्लैट धारकों को हर महीने 20 हजार रुपये किराया मिलेगा। यह किराया 1 नवंबर 2026 से दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट म्हाडा की तरफ से बांधकाम व विकास करार के तहत चलाया जा रहा है।

जो 121 गैर-रिहायशी गाले धारक और झोपड़ी धारक पात्र ठहराए गए हैं, उन्हें भी 1 नवंबर 2026 से हर महीने 10 हजार रुपये किराया मिलेगा। इसके अलावा 196 सशर्त पात्र धारकों को अगले छह महीने का किराया दिया जाएगा, ऐसा जयस्वाल ने कहा।

जयस्वाल ने आगे बताया कि सशर्त पात्र गाले धारकों को इन छह महीनों में जरूरी कानूनी कागजात जमा करके अपनी पात्रता साबित करनी होगी। म्हाडा यानी महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास प्राधिकरण का शीव कोलीवाड़ा में सिंधी शरणार्थियों का गुरु तेग बहादुर नगर (जी.टी.बी. नगर) समूह पुनर्विकास प्रोजेक्ट C&D एजेंसी के जरिए चल रहा है। यह म्हाडा का पहला पुनर्विकास प्रोजेक्ट है।

पात्रता की प्रक्रिया अभी चल रही है। म्हाडा ने 356 गैर-रिहायशी गाले धारकों और झोपड़ी धारकों के लिए संशोधित प्रारूप परिशिष्ट-2 (Re-draft Annexure-2) जारी किया है। इसके मुताबिक 356 में से 121 पूरी तरह पात्र हैं, 196 सशर्त पात्र हैं और 39 धारक अपात्र ठहराए गए हैं।

सशर्त पात्र धारकों को कागजात जमा करने के लिए अगले छह महीने की मुहलत दी गई है। इस दौरान जरूरी कागजात पूरे करके पात्रता साबित करना उनके लिए बंधनकारक होगा। ये कागजात निर्धारित छह महीने के भीतर म्हाडा के पास जमा करने होंगे। कागजात की छानबीन और जांच पूरी होने के बाद अंतिम पात्रता पर फैसला लिया जाएगा। साथ ही पात्रता तय करने की म्हाडा की प्रक्रिया के लिए इन धारकों को बृहन्मुंबई विद्युत पुरवठा व परिवहन उपक्रम (B.E.S.T.) के बकाया बिजली बिल भी भरने होंगे।

पुनर्विकास के तहत 1200 लाभार्थियों के लिए तीन आधुनिक रिहायशी टावर बनाए जाएंगे। इनमें 39 से 48 मंजिलों की इमारतें बनाने की योजना है। विकास नियंत्रण नियमावली 33 (9) के तहत फंजिबल के साथ कम से कम 4.5 चटई क्षेत्रफल मिलेगा। प्रोजेक्ट के लाभार्थियों को 635 वर्ग फुट का आधुनिक सुविधाओं वाला फ्लैट मुफ्त मिलेगा।

किराये को लेकर यह भी कहा गया है कि हाउसिंग प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए संबंधित प्राधिकरण से बांधकाम प्रारंभ प्रमाणपत्र (CC) मिलने के बाद सभी पात्र रिहायशी लाभार्थियों को हर महीने 20,000 रुपये किराया अनुदान दिया जाएगा। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद अगले पांच साल तक इमारतों की देखभाल और प्रबंधन की जिम्मेदारी म्हाडा निभाएगा। प्रोजेक्ट में हर फ्लैट धारक के लिए अलग गेटेड कम्युनिटी की सोच रखी गई है। पारंपरिक रैंप से पहुंचने लायक बहुमंजिला बेसमेंट और पोडियम स्तरों पर गाड़ियों की पार्किंग का इंतजाम किया गया है।

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