महाबलेश्वर में बेमौसम बारिश से स्ट्रॉबेरी किसानों को राहत, मूंगफली की खुदाई आसान हुई
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अगस्त से गायब रही बारिश शनिवार तड़के सातारा जिले में लौटी। महाबलेश्वर तालुका के किसानों को कुछ राहत मिली है, पर पैदावार के नुकसान की चिंता बनी हुई है।
सातारा जिले में शनिवार तड़के से जोरदार बारिश शुरू हुई और महाबलेश्वर तालुका के परेशान किसानों को थोड़ी राहत मिली। इस साल अल नीनो के असर से अगस्त के महीने से ही बारिश गायब थी, जिसकी वजह से तालुका में खरीफ सीजन की फसलें संकट में आ गई थीं।
बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत तब थी जब फसलों में दाने भर रहे थे, लेकिन ठीक उसी वक्त पानी नहीं गिरा। नतीजा यह हुआ कि कई खेतों में फसल सूख गई और पैदावार में बड़ी गिरावट का डर पैदा हो गया। अब आंध्र के किनारे पर बने अर्णव तूफान के असर से सातारा जिले में अच्छी बारिश हुई है और किसानों ने कुछ राहत की सांस ली है।
महाबलेश्वर तालुका में स्ट्रॉबेरी की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इसके अलावा पहाड़ों की चोटी वाले खेतों में मटर और फ्रेंच बीन्स जैसी नकदी फसलें भी लगाई जाती हैं। बारिश के लंबे गैप का बुरा असर इन सब फसलों पर पड़ा था। खासकर स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए जितनी नमी चाहिए, उतनी मिल नहीं रही थी, इसलिए किसान फिक्र में थे। अब जमीन में नमी बढ़ने से स्ट्रॉबेरी की फसल में फिर से जान आने की उम्मीद जगी है।
दूसरी तरफ मूंगफली की हालत भी अच्छी नहीं थी। मूंगफली जमीन के नीचे तैयार हो चुकी थी, लेकिन बारिश न होने से उसे निकालना मुश्किल हो गया था। जमीन सख्त हो गई थी, इसलिए कई जगह किसानों को खुरपी से मिट्टी खोदकर मूंगफली निकालनी पड़ रही थी। अब बारिश से जमीन भुरभुरी हो गई है और मूंगफली आसानी से उखाड़कर निकाली जा सकती है।
किसानों को इस बात की भी चिंता खाए जा रही थी कि इस साल बुवाई पर जो खर्च किया, वह भी हाथ आएगा या नहीं। कुछ किसानों के मुताबिक तो हालत ऐसी थी कि बोया हुआ बीज भी वापस मिल पाएगा या नहीं, यह सवाल था। इसलिए बारिश से राहत जरूर मिली है, लेकिन पैदावार में हुए नुकसान की फिक्र अब भी कायम है।
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