नाशिक जिले में बारिश गायब, ५४ कृषि मंडलों में तीन हफ्तों से ज्यादा खंड, किसान परेशान
नाशिक जिले के ११ तालुकों की ५४ कृषि मंडलों में २१ दिन या उससे ज्यादा बारिश का खंड पड़ा है, जिससे खरीफ की फसलों पर बड़ा संकट आ गया है।
नाशिक जिले में बारिश ने लंबे समय से दगा दे दिया है, जिसकी वजह से खरीफ का पूरा सीजन मुश्किल में पड़ गया है। १५ सितंबर तक की मंडलवार आंकड़ेबाजी के मुताबिक जिले के ११ तालुकों की ५४ कृषि मंडलों में २१ दिन या उससे ज्यादा दिनों तक बारिश नहीं हुई। इनमें से १५ मंडलों में तो ४० दिन से ज्यादा वक्त से एक बूंद बारिश दर्ज नहीं हुई है। इस वजह से खरीफ की फसलों पर भारी दबाव आ गया है और कई इलाकों में फसलें जलने की हालत में पहुंच गई हैं। पैदावार में बड़ी गिरावट आने का डर है, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है और अब उन्हें सरकार की मदद का इंतजार है।
बारिश के इस लंबे खंड की वजह से जिन मंडलों में २१ दिन से ज्यादा का गैप है, वहां पूरी खरीफ फसल हाथ से निकलने का खतरा पैदा हो गया है। शुरुआती बारिश के भरोसे बोई गई फसलें अब पानी की कमी से सूखने की कगार पर हैं, जिससे किसानों का लगाया हुआ खर्च बेकार जाने का डर है। इस बीच राज्य मंत्रिमंडल स्तर पर सूखे की स्थिति पर चर्चा शुरू हो गई है, जिससे किसानों की उम्मीदें सरकार से मिलने वाली मदद पर टिकी हैं।
फसलों के पंचनामे, नुकसान भरपाई और सूखा राहत को लेकर सरकार क्या फैसला लेती है, इस पर जिले के किसानों की नजर है। बारिश की कमी की सबसे ज्यादा मार कुछ मंडलों में साफ दिख रही है। देवला तालुका के उमराणे में ४५ दिन, कलवण तालुका के मोकभणगी में ४०, मालेगांव तालुका के कौलाणे, सौंदाणे और निमगांव में ४५ दिन, दाभाडी में ४४ दिन, वहीं नांदगांव तालुका के जातेगांव, हिसवल बु. और भर्डी में हर जगह ४५-४५ दिनों की बारिश गायब रही है।
येवला तालुका के येवला और सावरगांव में ४२ दिन, पाटोदा और जलगांव में ४१ दिन, तो सिन्नर तालुका के सिन्नर मंडल में ४० और शहा मंडल में ४२ दिनों का खंड दर्ज हुआ है। सिन्नर तालुके में सिन्नर, शहा, नांदूरशिंगोटे, सोनांबे, डुबेरे, वावी, वडांगली और गोंदे, इन आठ मंडलों में २१ दिन से ज्यादा बारिश का खंड पड़ा है। इनमें शहा में ४२, सिन्नर में ४०, सोनांबे में ३७, वडांगली में २७, नांदूरशिंगोटे, डुबेरे और वावी में हर जगह २५-२५, और गोंदे में २३ दिनों का गैप है। इसका असर तालुके की खरीफ फसलों पर भी दिख रहा है।
सिन्नर तालुका कृषि अधिकारी ज्ञानेश्वर नाठे ने बताया कि सिन्नर तालुके की १२ में से ८ कृषि मंडलों में २१ से ४० दिनों तक बारिश का लंबा खंड पड़ा है, जिससे यहां की फसलें लगभग हाथ से निकल चुकी हैं। जहां थोड़ा-बहुत पानी बचा है, वहां भी बारिश की कमी की वजह से ४० से ५० फीसदी तक पैदावार घटने का अंदाजा है।
तालुकावार देखें तो मालेगांव, सिन्नर और येवला में हर जगह ८-८ कृषि मंडल २१ दिन से ज्यादा के खंड की जद में हैं। नांदगांव में ७, बागलाण और कलवण में हर जगह ६-६, जबकि चांदवड, देवला और नाशिक में हर जगह ३-३ मंडल शामिल हैं। दिंडोरी और निफाड में एक-एक मंडल में लंबा खंड दर्ज हुआ है। मालेगांव, सिन्नर और येवला इस मामले में सबसे आगे हैं।