बुलढाणा के किसानों को 125 करोड़ रुपये की मदद मंजूर, 1.35 लाख किसानों को मिलेगा फायदा
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मार्च, जून और जुलाई में बेमौसम बारिश, अतिवृष्टि और बाढ़ से खेती का नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए सरकार ने 125 करोड़ 44 लाख रुपये से ज्यादा मंजूर किए हैं।
बुलढाणा जिले में इस साल मार्च, जून और जुलाई में बेमौसम बारिश, अतिवृष्टि और बाढ़ ने खेती की जमीन और फसलों को नुकसान पहुंचाया था। अब ऐसे किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने हाथ बढ़ाया है। सरकारी आदेश के हिसाब से कुल 125 करोड़ 44 लाख रुपये से ज्यादा का फंड मंजूर हुआ है। इसकी जानकारी प्रभारी मंत्री मकरंद जाधव-पाटील ने दी।
मदद और पुनर्वास विभाग ने 2 नवंबर को इस बारे में तीन सरकारी आदेश जारी किए। इनके मुताबिक जिले के 1 लाख 35 हजार 240 किसानों की 1 लाख 35 हजार 854.23 हेक्टेयर प्रभावित जमीन के लिए 125 करोड़ 44 लाख 58 हजार रुपये की मदद घोषित की गई है।
अब महीने के हिसाब से देखें तो मार्च में जिले में बेमौसम बारिश से फसलों का नुकसान हुआ था। इसके लिए 1 हजार 306 किसानों की 928 हेक्टेयर प्रभावित जमीन पर 1 करोड़ 58 लाख 9 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं।
जून में अतिवृष्टि और बाढ़ से खेत की जमीन को नुकसान पहुंचा था। इसके लिए 282 किसानों की 48.64 हेक्टेयर जमीन पर 8 लाख 76 हजार रुपये की मदद मंजूर हुई है।
जुलाई के लिए दो अलग मंजूरियां हैं। अतिवृष्टि और बाढ़ से खेत की जमीन के नुकसान पर 6 हजार 465 प्रभावित किसानों की 2 हजार 382.87 हेक्टेयर जमीन के लिए 10 करोड़ 77 लाख 70 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं जुलाई की अतिवृष्टि से हुए नुकसान के लिए 1 लाख 27 हजार 187 किसानों की 1 लाख 32 हजार 494.72 हेक्टेयर जमीन पर 113 करोड़ 3 हजार रुपये का फंड मंजूर किया गया है।
शासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि मंजूर रकम उसी प्राकृतिक आपदा के नुकसान पर खर्च हो, जिसके लिए वह दी गई है। मदद बांटने का काम पूरा होने के बाद लाभार्थियों की लिस्ट और मदद का ब्योरा जिले की वेबसाइट पर डाला जाएगा। साथ ही यह भी देखना है कि पहले बांटी गई मदद की रकम को बैंकें कर्ज वसूली में न काट लें।
एक और निर्देश यह है कि उसी सीजन में पहले जो मदद बांटी जा चुकी है, उसका दोहराव न हो। एक सीजन में एक ही नुकसान के लिए तय दर से ही मदद दी जाए, लाभार्थियों को कोई परेशानी न आए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से निपटे।
पैसा कैसे पहुंचेगा, यह भी बताया गया है। मंजूर रकम उपलब्ध प्रावधान से बांटी जाएगी। पात्र किसानों की जानकारी तय फॉर्मेट में जमा करके कंप्यूटर सिस्टम पर अपलोड की जाएगी। इसके बाद डीबीटी के जरिए मदद की रकम सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में जमा होगी।
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