मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:01 IST

नेतान्याहू का UN में हमला: गाजा नरसंहार का आरोप सदी का सबसे बड़ा झूठ

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायली पीएम ने वॉकआउट करने वालों को कायर बताया और न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी पर सीधा निशाना साधा।

अमेरिका के न्यूयॉर्क में इस वक्त संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां अधिवेशन चल रहा है। इसी अधिवेशन में दुनियाभर के नेताओं के सामने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतान्याहू ने बड़ा आक्रामक और रोखठोक भाषण दिया। भाषण में उन्होंने गाजा में चल रही जंग, ईरान पर हुई फौजी कार्रवाई और पश्चिमी देशों की तरफ से हो रही आलोचना पर इजरायल का पक्ष रखा। गाजा में इजरायल की तरफ से नरसंहार यानी जेनोसाइड किए जाने के दावे को खारिज करते हुए नेतान्याहू ने कहा, "यह आरोप इस सदी का सबसे बड़ा झूठ है।"

नेतान्याहू जैसे ही अपना भाषण शुरू करने के लिए स्टेज पर पहुंचे, वैसे ही फिलिस्तीन की अपील पर कई इस्लामिक और दूसरे देशों के प्रतिनिधि सभागार से बाहर निकल गए और अपना विरोध जताया। सभागार की ज्यादातर सीटें खाली होते देख नेतान्याहू ने बड़े कड़े शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "जो प्रतिनिधि अभी-अभी इस सभागार से निकले हैं, वो नैतिक रूप से कायर हैं। अगर सभागार में अभी भी ऐसा कोई नैतिक रूप से कायर शख्स बैठा है, तो वो भी कृपया बाहर निकल जाए।" इस दौरान समर्थन और विरोध में जमकर नारेबाजी हुई, जिस वजह से माहौल गरमा गया और महासभा के अध्यक्ष खलील-उर-रहमान को बार-बार शांति बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।

अपने भाषण में नेतान्याहू ने ईरान पर इजरायली हमलों और उसके परमाणु ठिकानों पर की गई कार्रवाई का पूरी तरह समर्थन किया। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के परमाणु हथियार बनाने के खतरे को समय रहते रोकना उनके कार्यकाल का सबसे आसान और सबसे अहम फैसला था। उन्होंने दावा किया, "ईरान का खतरा सिर्फ इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है। इजरायल खुद का बचाव करते हुए इस सभागार से बाहर गए कई देशों को भी सुरक्षा दे रहा है।" इतना ही नहीं, नेतान्याहू ने यह भी खुलासा किया कि सभात्याग करने वाले कई देशों के मुखिया निजी मुलाकात में ईरान के परमाणु ठिकाने तबाह करने के लिए इजरायल का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं।

अपने भाषण का बड़ा हिस्सा नेतान्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर झोहरान ममदानी पर आलोचना करने में लगाया। ममदानी पहले नेतान्याहू को युद्ध अपराधी बताकर उनकी गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं और उन्हें न्यूयॉर्क आने से रोकने की कोशिश भी कर चुके हैं। इसका जवाब देते हुए नेतान्याहू ने कहा, "मिस्टर ममदानी, आपने मुझे यहां आने से रोकने और मेरी आवाज दबाने की कोशिश की, लेकिन सच की आवाज कभी दबाई नहीं जा सकती।"

नेतान्याहू ने यह आरोप भी लगाया कि ममदानी के मेयर बनने के बाद से न्यूयॉर्क शहर के यहूदी समुदाय में डर का माहौल फैल गया है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "कई यहूदी नागरिक मुझसे कहते हैं कि यह वह शहर नहीं रहा जिसे हम जानते थे।" इसके अलावा नेतान्याहू ने ममदानी पर हमास का समर्थन करने वाले और 9/11 के आतंकी हमले का समर्थन करने वालों से रिश्ते रखने का आरोप भी लगाया, और एक फिलिस्तीनी पत्रकार को घर बुलाने पर भी उन्हें आड़े हाथों लिया। नेतान्याहू के इस तूफानी भाषण के बाद इंटरनेशनल लेवल पर और डिप्लोमेटिक हलकों में फिर से तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।

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