लालपेठ के महाशिवलिंग पर यदुवंशी समाज ने किया महाअभिषेक, विधायक जोरगेवार हुए शामिल
चंद्रपुर के लालपेठ में सोमवार को यदुवंशी समाज ने महाअभिषेक और भजन संध्या की, विधायक किशोर जोरगेवार पूजा में शामिल हुए।
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चंद्रपुर के लालपेठ में स्थित महाशिवलिंग परिसर में सोमवार को यदुवंशी समाज की ओर से महाअभिषेक और भजन संध्या का आयोजन किया गया। विधायक किशोर जोरगेवार इस मौके पर खुद मौजूद रहे और उन्होंने पूजा में हिस्सा लिया।
इस जगह पर हर सोमवार को अलग-अलग समाजों की तरफ से महापूजा होती है। इस बार यह मौका यदुवंशी समाज को मिला। समाज की ओर से भजन संध्या, महाअभिषेक और आरती हुई, और आखिर में महाप्रसाद भी बांटा गया। कार्यक्रम के लिए महाशिवलिंग को बड़े आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
बताया गया है कि लालपेठ का यह प्राचीन महाशिवलिंग राज्य का सबसे बड़ा महाशिवलिंग है। विधायक जोरगेवार ने पहल करके इसकी महिमा को पूरे राज्य तक पहुंचाने और इस जगह को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का काम हाथ में लिया है। इसी कोशिश के तहत महाशिवलिंग परिसर में उनकी तरफ से एक भव्य मंदिर भी बनवाया गया है।
चंद्रपुर की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को बड़ी पहचान दिलाना इस पहल का मकसद है। जोरगेवार का मानना है कि इस महाशिवलिंग की भव्यता, प्राचीनता और धार्मिक महत्व सिर्फ चंद्रपुर तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं तक पहुंचे।
हर सोमवार अलग-अलग समाजों की ओर से महाअभिषेक कराने का सिलसिला भी विधायक जोरगेवार की पहल से ही चल रहा है। इससे अलग-अलग समाजों को इस धार्मिक आयोजन से जुड़ने का मौका मिलता है। परिसर में धार्मिक माहौल बनने के साथ-साथ समाजों के बीच आपसी मेलजोल और एकता बढ़ाने की कोशिश भी हो रही है। यदुवंशी समाज का इस बार का आयोजन भी इसी सिलसिले की एक कड़ी था।
विधायक जोरगेवार इस नजरिए से काम कर रहे हैं कि धार्मिक स्थल का विकास सिर्फ मंदिर खड़ा करने तक सीमित न रहे। उस जगह की पहचान बड़े स्तर पर बने, श्रद्धालुओं की भागीदारी बढ़े और आसपास धार्मिक पर्यटन के मौके तैयार हों, यह भी जरूरी है। अगर लालपेठ के महाशिवलिंग की महिमा पूरे राज्य में पहुंचती है, तो चंद्रपुर के धार्मिक पर्यटन को रफ्तार मिल सकती है और इस इलाके को नई पहचान भी मिल सकती है।
प्राचीन महाशिवलिंग की विरासत को संजोकर रखना, उसे व्यापक धार्मिक पहचान दिलाना और ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को इस जगह से जोड़ना, विधायक जोरगेवार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। इन कोशिशों के सहारे लालपेठ का महाशिवलिंग परिसर आस्था, सामाजिक भागीदारी और पर्यटन के लिहाज से एक अहम केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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