चंद्रपुर में मन की बात के दो अलग आयोजन, छात्राओं को भेजे गए व्हाट्सऐप संदेश पर विवाद
चंद्रपुर में रविवार, 25 अक्टूबर को मन की बात के 139वें एपिसोड पर विधायक सुधीर मुनगंटीवार और किशोर जोरगेवार ने अलग-अलग कार्यक्रम रखे। एक लॉ कॉलेज की छात्राओं को भेजे गए संदेश में गैरहाजिरी पर दंड का जिक्र था।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
चंद्रपुर में रविवार, 25 अक्टूबर को मन की बात कार्यक्रम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। शहर के एक लॉ कॉलेज की छात्राओं को कार्यक्रम में आने का संदेश भेजा गया था। उस संदेश में यह भी लिखा था कि कार्यक्रम में गैरहाजिर रहने पर दंड लगेगा। इस बारे में कॉलेज मैनेजमेंट का पक्ष पता नहीं चल सका।
प्रधानमंत्री के मन की बात के 139वें एपिसोड के मौके पर विधायक सुधीर मुनगंटीवार और विधायक किशोर जोरगेवार ने अलग-अलग आयोजन किए थे। यानी चंद्रपुर में एक ही कार्यक्रम के लिए दो जगह इंतजाम हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2014 को मन की बात की शुरुआत की थी। यह कार्यक्रम हर महीने के आखिरी रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित होता है। इसमें देश के लोगों से संवाद, सामाजिक पहल, समाज के प्रेरणादायी लोग, देश की सकारात्मक घटनाएं, स्वच्छता, पर्यावरण, महिला सशक्तीकरण और देश के विकास से जुड़े विषयों पर बात होती है। पिछले 12 साल से यह कार्यक्रम लगातार चल रहा है।
एक दशक बीतने के बाद अब लोग इस कार्यक्रम से मुंह फेरने लगे हैं। बीजेपी के कार्यकर्ता अपने नेता को खुश करने के लिए ही इसे खास तौर पर सुनते हैं। यह कार्यक्रम लाइव नहीं होता और इसकी स्क्रिप्ट पहले से तैयार रहती है। चंद्रपुर में मन की बात का रूप दिखे, इसके लिए दोनों विधायकों ने अलग-अलग कार्यक्रम रखे।
दोनों विधायक चाहते थे कि कार्यक्रम भव्य दिखे, लेकिन सवाल था कि भीड़ कैसे जुटाई जाए। इसी बीच विधायक मुनगंटीवार ने पार्टी के जरिए अलग-अलग कॉलेजों और प्रतिष्ठित नागरिकों से गुजारिश की और कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
दूसरी तरफ विधायक जोरगेवार की ओर से शांताराम पोटदुखे लॉ कॉलेज की छात्राओं को शामिल होने का संदेश भेजा गया। कॉलेज के प्राचार्य ने व्हाट्सऐप के जरिए छात्राओं से कहा कि वे विधायक जोरगेवार के दफ्तर में रखे गए मन की बात कार्यक्रम में आएं। साथ ही चेतावनी दी गई कि गैरहाजिर रहने पर दंड लगाया जाएगा।
इसके बाद चर्चा छिड़ गई कि छात्रों पर कार्यक्रम में आने की जबरदस्ती की जा रही है। कई लोगों का कहना है कि आज देश में सत्ता में बैठे लोगों से सीधे सवाल नहीं पूछे जा सकते और छात्रों पर लाठीचार्ज हो रहा है। ऐसे माहौल में चंद्रपुर में छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मजबूर किए जाने पर कई लोगों ने विरोध जताया है।
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