कर्जत में पेड़ों की कटाई पर भड़के सयाजी शिंदे, पूछा- क्या सह्याद्री को रेगिस्तान बनाना है
टोरेंट पावर कंपनी के प्रोजेक्ट के लिए कर्जत में हो रही पेड़ों की कटाई पर अभिनेता सयाजी शिंदे ने मुख्यमंत्री फडणवीस से सवाल किए हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
रायगड जिले के कर्जत तहसील में टोरंट पावर कंपनी के लिए पेड़ काटे जा रहे हैं। इस पर विरोधी पक्ष काफी आक्रामक हो गया है। राजनीतिक नेताओं के साथ कुछ पर्यावरण प्रेमियों ने भी अपनी नाराजगी जताई है और सरकार पर निशाना साधा है।
कर्जत और भीमाशंकर अभयारण्य में बड़ी तादाद में पेड़ों की कटाई की जा रही है। इस मामले में अभिनेता और पर्यावरण प्रेमी सयाजी शिंदे ने भी अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने पूछा कि क्या सह्याद्री को रेगिस्तान बनाना है। कर्जत की पेड़ कटाई को लेकर इस वक्त पूरे राज्य से आलोचना हो रही है। सह्याद्री देवराई के जरिए पर्यावरण के लिए काम करने वाले सयाजी शिंदे ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।
सयाजी शिंदे ने कहा, "भारत में जो जंगल की जमीन है, उसका 5 प्रतिशत हमारे सह्याद्री में है। वहां से कई नदियां बहती हैं। वहां से हमारा महाराष्ट्र जी रहा है। उन पेड़ों और पहाड़ों की वजह से बारिश आती है। उस पर प्रोजेक्ट आ रहे हैं, उनमें पहला प्रोजेक्ट टोरेंट प्रोजेक्ट है। 600 एकड़ जमीन दी जाती है। उसके पेड़ काटे जाते हैं।"
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मैं विनती करके कहता हूं कि 71 करोड़ की इन्वेस्टमेंट और 30 हजार करोड़ का कुछ फायदा, जो बिजली बनेगी, वह किसके लिए है? उन पेड़ों के लिए? वहां के जानवर, मोर, वहां का पानी, वहां की 50 तरह की मछलियां, मुझे इनके साथ खड़ा होना है। उसके बाद इंसानों के साथ खड़ा होना है। इन सबका नुकसान करके, पर्यावरण खत्म करके ऐसे प्रोजेक्ट क्यों करने? असल में हम अब 5 प्रतिशत पर आ गए हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज के जिस सह्याद्री की हम बात करते हैं, उस सह्याद्री के 25 प्रोजेक्ट बनाकर क्या मुख्यमंत्री उसे रेगिस्तान बनाना चाहते हैं? क्या सब कुछ खत्म करना है?"
सयाजी शिंदे ने आगे कहा, "मुख्यमंत्री और हमारे चुने हुए नेताओं, सबको पर्यावरण बचाना चाहिए, उसके बाद बाकी बातें करनी चाहिए। मेरी सबसे विनती है कि आप यहां के जानवर, पक्षी, जीव और पेड़ों का साथ दें। कानून में बदलाव करें। प्रकृति को धोखा मत दीजिए, हम अपने आप को ही धोखा दे रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "मेरी मुख्यमंत्री और फॉरेस्ट मिनिस्टर से विनती है कि नियम बदलें, कानून में बदलाव करें। पेड़ मत काटिए। आपको जो प्रोजेक्ट करने हैं वे कीजिए। महाराष्ट्र की सारी जनता से मेरी विनती है कि सब उठ खड़े हों। हमारी आंखों के सामने सह्याद्री को रेगिस्तान नहीं बनने देना है।"
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।