धामणगाव बढे के ग्रामीणों ने लिखित आश्वासन के बाद खत्म किया अनशन, विधायक ने पिलाया नींबू पानी
सड़कों के रुके काम को लेकर बुलढाणा जिले के ग्रामीणों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सार्वजनिक निर्माण विभाग के लिखित पत्र के बाद खत्म हुई।
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बुलढाणा जिले के धामणगाव बढे और आसपास के गांवों के लोगों ने सड़कों के काम को लेकर जो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, वह आखिरकार खत्म हो गई। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन वापस ले लिया।
मामला यह था कि धामणगाव बढे और आसपास के इलाके की कई सड़कों के काम मंजूर हो चुके थे, लेकिन जमीन पर काम आगे ही नहीं बढ़ रहा था। काम अटके रहने से ग्रामीणों में काफी नाराजगी थी।
इसी नाराजगी के चलते रामदास चौधनकर, भागवत दराखे, मोहन सपकाल, श्रीकृष्ण भोरे, राजेश जाधव, मुस्ताक पटेल और दूसरे ग्रामीणों ने मांग रखी थी कि सड़कों का काम फौरन शुरू करके पूरा किया जाए। इस बारे में 22 सितंबर को सार्वजनिक निर्माण विभाग को निवेदन दिया गया था। निवेदन में यह चेतावनी भी थी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जाएगी।
मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिखी, तो ग्रामीणों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। फिर शुक्रवार को सार्वजनिक निर्माण उपविभाग, बुलढाणा की तरफ से एक लिखित पत्र दिया गया। इस पत्र में संबंधित सड़कों के कामों की मौजूदा स्थिति बताई गई और यह भी बताया गया कि काम कैसे पूरे किए जाएंगे। इसके बाद विधायक संजय गायकवाड की मौजूदगी में पांचों अनशनकारियों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी।
विभाग के पत्र के मुताबिक पिंपलगाव देवी-म्हालगी-धामणगाव बढे रोड का काम चल रहा है और उसे तय मियाद के अंदर पूरा किया जाएगा, ऐसा आश्वासन दिया गया है। धामणगाव बढे से पान्हेरा जाने वाले रोड पर गिट्टी बिछाने का काम पूरा हो चुका है। बाकी कंक्रीटीकरण का काम मार्च 2027 तक पूरा करने की योजना है। धामणगाव बढे से पंचलिंग रोड का काम भी चल रहा है, और विभाग ने बताया है कि यह मार्च 2027 तक पूरा कर दिया जाएगा।
विधायक संजय गायकवाड ने अनशन की जगह पर पहुंचकर पांचों अनशनकारियों को नींबू पानी पिलाया और इस तरह अनशन खत्म कराया। इसके साथ ही आंदोलन भी खत्म हो गया।
सार्वजनिक निर्माण विभाग के लिखित आश्वासन से ग्रामीणों को राहत मिली है। फिर भी नागरिकों की उम्मीद यही है कि ये सड़कें सिर्फ कागज पर न रहें, इनका काम सचमुच शुरू हो और जो मियाद तय की गई है, उसी के अंदर पूरा हो जाए।