कल्याण-डोंबिवली महासभा में सचिव किशोर शेलके के कामकाज पर सवाल, भाजपा पार्षद भी बोले
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महासभा चलाने के तरीके को लेकर अलग-अलग पार्टियों के पार्षदों ने आपत्ति जताई। शिव विकास अघाड़ी के विश्वनाथ राणे ने कहा कि सचिव को ट्रेनिंग की जरूरत है।
कल्याण-डोंबिवली नगर निगम की आज की महासभा में सचिव किशोर शेळके के कामकाज के तरीके पर पार्षदों ने सवाल उठाए। सभा किस ढंग से चलाई जा रही है, इसे लेकर प्रशासन की भूमिका पर बहस हुई और यह मुद्दा अब नगर निगम में चर्चा का विषय बन गया है।
शिव विकास आघाडी के दल नेता विश्वनाथ राणे ने सचिव किशोर शेळके के काम करने के ढंग पर बात करते हुए कहा कि उन्हें ट्रेनिंग की जरूरत है। राणे का कहना था कि महासभा का कामकाज ठीक से चले, इसमें सचिव की भूमिका अहम होती है। जब उनके कामकाज पर ही सवाल खड़े हुए हैं, तो राणे के इस बयान की भी चर्चा शुरू हो गई है।
दूसरी तरफ भाजपा के पार्षद मंदार हळवे ने भी सचिव किशोर शेळके के कामकाज को लेकर सवाल खड़े किए। यानी आपत्ति सिर्फ एक पार्टी की तरफ से नहीं आई। अलग-अलग पार्टियों के पार्षदों ने सचिव के काम करने के तरीके पर एतराज जताया, जिससे महासभा के कामकाज और प्रशासनिक तालमेल का मुद्दा गरमा गया है।
नगर निगम की महासभा में सचिव की जिम्मेदारी बड़ी होती है। सभा सुचारु रूप से चले, उसकी प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो और पार्षदों के बीच तालमेल बना रहे, यह सब सचिव के जिम्मे आता है। ऐसे में पार्षदों के सवाल उठाने के बाद यह पूछा जा रहा है कि क्या प्रशासन इस पर सफाई देगा।
अब सबकी नजर इस पर है कि नगर निगम आयुक्त और मेयर इस मामले में क्या रुख रखते हैं। यह भी देखना होगा कि सचिव किशोर शेळके के काम करने के तरीके में कोई बदलाव होता है या ट्रेनिंग के बारे में कोई फैसला लिया जाता है।
नगर निगम की महासभा स्थानीय विकास के कामों, शहर की सुविधाओं और प्रशासनिक फैसलों के लिए अहम होती है। इसलिए जरूरी है कि सभा का कामकाज पारदर्शी ढंग से और नियमों के मुताबिक हो। इसी पृष्ठभूमि में सचिव के कामकाज को लेकर उठे सवालों को प्रशासन कैसे संभालता है, यह अब सबसे अहम बात होगी।
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