अमेज़न के बेड़े में जुड़ेंगे टाटा मोटर्स के 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक, दिल्ली से शुरुआत
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अमेज़न और टाटा मोटर्स ने भारत में 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक उतारने की साझेदारी का ऐलान किया है, पहला जत्था दिल्ली में रवाना हुआ।
अमेज़न और टाटा मोटर्स ने आज एक साझेदारी का ऐलान किया है। इसके तहत भारत में अमेज़न के ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क में 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक उतारे जाएंगे। बताया गया है कि भारत में किसी भी ई-कॉमर्स कंपनी की यह अब तक की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक ट्रक तैनाती है। अमेज़न के लिए यह फ्लीट के विद्युतीकरण को लास्ट-माइल डिलीवरी से आगे ले जाने वाला सबसे अहम कदम है। ये ट्रक अलग-अलग सुविधा केंद्रों के बीच, शहरों के अंदर और राष्ट्रीय फ्रेट कॉरिडोर पर ग्राहकों की शिपमेंट ढोने में मदद करेंगे।
दिल्ली में हुए कार्यक्रम में टाटा इलेक्ट्रिक ट्रकों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, अमेज़न के एपीएसी, मिडल ईस्ट, अफ्रीका और तुर्की के ऑपरेशंस उपाध्यक्ष अभिनव सिंग, अमेज़न इंडिया के ऑपरेशंस डायरेक्टर किशोर लंका, टाटा मोटर्स के ग्लोबल हेड (गवर्नमेंट एंड कॉर्पोरेट अफेयर्स) और चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर सुशांत नाईक और टाटा मोटर्स के उपाध्यक्ष व बिजनेस हेड (ट्रक्स) राजेश कौल समेत कई और लोग मौजूद थे।
व्यवस्था यह है कि टाटा मोटर्स अमेज़न की ढुलाई की जरूरतों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रक सप्लाई करेगी। इन गाड़ियों की मालिकी अमेज़न के कैरियर पार्टनर्स के पास रहेगी और वही इन्हें चलाएंगे। यह साझेदारी अमेज़न के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और लंबे समय की माल ढुलाई की मांग को टाटा मोटर्स की इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस क्षमता से जोड़ती है। टाटा मोटर्स भारत की सबसे बड़ी कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी है। दोनों कंपनियों का साझा मकसद यह दिखाना है कि शून्य टेलपाइप उत्सर्जन वाले ट्रक बड़े पैमाने पर कैसे चल सकते हैं, और इनके इस्तेमाल की राह की मुख्य रुकावटों को दूर करना है।
शुरुआत भारत के त्योहारी सीजन में दिल्ली से होगी, जब ई-कॉमर्स और रिटेल सप्लाई चेन में माल की आवाजाही साल में सबसे ज्यादा रहती है। अमेज़न अपने मिडल-माइल ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क में टाटा मोटर्स के लाइट और मीडियम ड्यूटी यानी हल्की और मध्यम क्षमता वाले इलेक्ट्रिक ट्रक लगाएगी। अगले चरण में यह तैनाती प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों तक फैलेगी। लक्ष्य है एनएच48 पर दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर के विद्युतीकरण का, जो 2,800 किमी लंबा है, सात राज्यों से गुजरता है और देश के छह सबसे बड़े ई-कॉमर्स क्षेत्रों को जोड़ता है। यह भारत का सबसे लंबा फ्रेट कॉरिडोर है। इस विस्तार के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर सप्लायर याह्वी के साथ विकसित किए जा रहे हब्स समेत अलग से चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा।
यह तैनाती दिल्ली की 2026 की ईवी पॉलिसी के बाद हो रही है, जो शुरुआती दौर में अपनाने वालों को खास प्रोत्साहन देती है। पॉलिसी लागू होने के बाद पहले तीन महीनों में रजिस्टर होने वाले पहले 1,000 निजी मालिकाना हक वाले मध्यम क्षमता के इलेक्ट्रिक ट्रकों को पूरे एक दशक तक दिन के किसी भी वक्त शहर में आने की इजाजत होगी, यानी उन पर नो एंट्री के वक्त की आम पाबंदी लागू नहीं होगी। यह पीएम ई-ड्राइव और परिवर्तन जैसी पहलों के साथ पर्यावरण के अनुकूल मोबिलिटी और माल ढुलाई के विद्युतीकरण के देश के बड़े प्रयासों को भी सहारा देता है।
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के सक्षम नेतृत्व में भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। टाटा मोटर्स और अमेज़न की यह साझेदारी देशभर के लॉजिस्टिक नेटवर्क की टिकाऊ मांग को दिखाती है, जिसे भारत में बने इलेक्ट्रिक ट्रकों से पूरा किया जा रहा है। पीएम ई-ड्राइव, पीएलआई ऑटो और पीएलआई एसीसी जैसी योजनाओं के जरिए सरकार इस बदलाव का साथ देती रहेगी और मैं हरित लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने वाली ऐसी और कोशिशों का इंतजार कर रहा हूं।"
दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंग ने कहा, "अपनी शून्य-उत्सर्जन मास-मोबिलिटी के विस्तार से लेकर पूरी राजधानी में मजबूत चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने तक, दिल्ली ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ देश के बदलाव की अगुवाई की है। परिवहन से जुड़े उत्सर्जन को घटाने और दिल्ली की हवा की गुणवत्ता सुधारने की हमारी कोशिशों में लॉजिस्टिक्स का डीकार्बोनाइजेशन अगला अहम कदम है। अमेज़न और टाटा मोटर्स की यह साझेदारी एक मिसाल कायम करती है, जो दिखाती है कि टिकाऊ शहरी लॉजिस्टिक्स को रफ्तार देने और दिल्ली के नागरिकों का जीवनस्तर सुधारने के लिए प्रगतिशील शासन और उद्योग का नेतृत्व कैसे साथ आ सकते हैं।"
अमेज़न के उपाध्यक्ष अभिनव सिंग ने कहा, "अपने लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क का विद्युतीकरण 2040 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने के अमेज़न के लक्ष्य का अहम हिस्सा है। हमने भारत में काफी प्रगति की है और 500 से ज्यादा शहरों में 15,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं। इस बदलाव को आसान बनाने के लिए हम इन्फ्रास्ट्रक्चर और समाधानों के विकास को भी सहारा दे रहे हैं, ताकि हमारे कैरियर पार्टनर्स और ड्राइवरों के लिए ईवी का इस्तेमाल सरल हो। अब हम इलेक्ट्रिक ट्रकिंग के विस्तार का साहसी नजरिया सामने रख रहे हैं, जो परिवहन के डीकार्बोनाइजेशन की सबसे बड़ी चुनौती के हल पर ध्यान देता है। टाटा मोटर्स के साथ हमारी साझेदारी इस सोच को पूरा करने की दिशा में अहम कदम है। अपनी क्षमताओं को साथ लाकर, शहरों के अंदर के ऑपरेशंस से शुरू करके और भारत के प्रमुख फ्रेट कॉरिडोर तक विस्तार करते हुए, हमारा लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती तेज करना है।"
हरी झंडी के कार्यक्रम में टाटा मोटर्स के उपाध्यक्ष और बिजनेस हेड (ट्रक्स) राजेश कौल ने कहा, "भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकिंग अब प्रायोगिक दौर से आगे निकलकर बड़े पैमाने पर अपनाए जाने के दौर में दाखिल हो रही है। गहरे स्थानीयकरण की वजह से किफायती कीमत और मालिकाना कुल खर्च के चलते शून्य-उत्सर्जन ट्रक सभी सेगमेंट के फ्लीट ऑपरेटरों के लिए व्यावहारिक कारोबारी प्रस्ताव बन रहे हैं। अमेज़न इंडिया के साथ काम करते हुए हम वाहन तैनाती से आगे जाकर चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, सर्विसिंग और ऑपरेशनल सपोर्ट दे रहे हैं। यह साझेदारी दिखाएगी कि इलेक्ट्रिक ट्रक बड़े पैमाने के लॉजिस्टिक ऑपरेशंस में जोड़े जा सकते हैं, जिनमें परिवहन से जुड़े उत्सर्जन को घटाने में मदद की क्षमता है। हमें भरोसा है कि यह कोशिश देश में इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के व्यापक इस्तेमाल में योगदान देगी।"
इस सेवा में इस्तेमाल होने वाला टाटा अल्ट्रा ई.7 एक इंटीग्रेटेड ई-एक्सल के इर्द-गिर्द डिजाइन किया गया है। इसमें सीसीएस2 फास्ट चार्जिंग, रिजनरेटिव ब्रेकिंग और हाई-वोल्टेज सेफ्टी सिस्टम से लैस नई पीढ़ी की क्रैश-टेस्टेड केबिन दी गई है। यह ट्रक कम ऑपरेटिंग खर्च, ज्यादा अपटाइम और माल ढुलाई के लिए कम उत्सर्जन का विकल्प देने के लिए बनाया गया है।
यह साझेदारी भारत में अपने ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क के विद्युतीकरण के अमेज़न के जारी काम पर टिकी है, जिसे देशभर में याह्वी के विकसित किए 10 चार्जिंग यार्ड्स का सहारा मिला है। द क्लाइमेट प्लेज के सह-संस्थापक के तौर पर अमेज़न का लक्ष्य 2040 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है, और वह भारत में कमर्शियल फ्लीट के विद्युतीकरण को तेज करने वाली पहलों का समर्थन कर रही है। इनमें लेनशिफ्ट शामिल है, जो सी40 सिटीज के साथ चल रही पहल है। इसने बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक ट्रकों का ट्रायल किया और शून्य टेलपाइप उत्सर्जन वाले ट्रकों के लिए भारत के पहले प्रमाण-आधारित रोडमैप में योगदान दिया। हाल ही में द क्लाइमेट प्लेज ने सुपरईवी नाम का यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो चार्जिंग, वाहन, फाइनेंसिंग और नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता को एक जगह लाकर कमर्शियल ईवी का इस्तेमाल आसान बनाने के लिए बनाया गया है।
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