कलमेश्वर MIDC की चार कंपनियों को हाई कोर्ट से राहत, संपत्ति कर पर 12 हफ्ते सख्ती नहीं
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नागपुर हाई कोर्ट ने कलमेश्वर MIDC की औद्योगिक इकाइयों की याचिकाओं को प्रतिवेदन मानकर स्थानीय निकायों को 12 सप्ताह में फैसला लेने को कहा है।
नागपुर के कलमेश्वर औद्योगिक क्षेत्र (MIDC) की चार औद्योगिक इकाइयों को हाई कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। इन इकाइयों से संपत्ति कर की मांग की गई थी और इसी मांग को चुनौती देते हुए उन्होंने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं।
याचिकाएं एम एस एसाप इंडिया लिमिटेड, एम एस सुपरफाइन मिनरल्स, एम/एस माइक्रोमेष मिनरल्स एंड मेटल्स और एम एस वंडर कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से लगाई गई थीं। सुनवाई न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश रजनीश व्यास की पीठ ने की।
पीठ ने इन याचिकाओं को प्रतिवेदन (रिप्रेजेंटेशन) मानने को कहा और स्थानीय निकायों को आदेश दिया कि वे 12 सप्ताह के भीतर कानून के मुताबिक इस पर फैसला करें। यानी मामला अब सीधे अदालत के बजाय स्थानीय निकायों के सामने फैसले के लिए जाएगा।
कोर्ट ने यह भी साफ कहा कि जब तक प्रतिवेदन पर आखिरी फैसला नहीं हो जाता, तब तक प्राधिकारी याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कर वसूली की कोई भी कठोर या दंडात्मक कार्रवाई न करें। इस आदेश से जिन इकाइयों पर संपत्ति कर का भारी दबाव था, उन्हें बड़ी राहत मिली है।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि हाई कोर्ट की समकालीन पीठ ने 5 अगस्त 2026 को 'द बदलापुर इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन व अन्य बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य' मामले में एक फैसला दिया था। वकील के मुताबिक उस फैसले और सुप्रीम कोर्ट के स्मॉल स्केल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन व अन्य बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य के स्थापित कानूनी सिद्धांतों के हिसाब से स्थानीय निकायों को MIDC क्षेत्र में संपत्ति कर लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
अदालत ने इन दलीलों पर गौर करते हुए स्थानीय निकाय से कहा कि प्रतिवेदन मानकर प्रभावित पक्षों को सुनवाई का मौका दिया जाए। इसके बाद ऊपर बताए गए न्यायिक फैसलों की रोशनी में 12 सप्ताह के अंदर निर्णय लिया जाए।
अदालत के साफ आदेश के मुताबिक जब तक स्थानीय निकाय इन याचिकाओं या अभ्यावेदनों पर नियम से आखिरी फैसला नहीं ले लेते, तब तक किसी भी तरह की दंडात्मक या कठोर वसूली की कार्रवाई नहीं हो सकेगी। कानूनी लड़ाई लड़ रहे उद्योगों को फिलहाल सुरक्षा मिली है और उन्हें न्याय की उम्मीद भी बंधी है।
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