कैट 2026 के आवेदन लगातार तीसरे साल घटे, इस बार 2.84 लाख उम्मीदवार
आईआईएम में दाखिले की कैट परीक्षा के लिए इस साल 2.84 लाख उम्मीदवारों ने अर्जी दी, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 2.95 लाख था।
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आईआईएम (IIM) में दाखिले के लिए होने वाली कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी कैट (CAT) 2026 के आवेदनों की संख्या घट गई है। इस साल 2.84 लाख उम्मीदवारों ने अर्जी भरी है, जबकि 2025 में यह संख्या 2.95 लाख थी। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को होगी। हालांकि आवेदन कम होने का मतलब यह नहीं है कि मैनेजमेंट की पढ़ाई में नौजवानों की दिलचस्पी खत्म हो गई है।
पिछले तीन साल के आंकड़े देखें तो 2024 में 3.29 लाख उम्मीदवारों ने कैट के लिए अर्जी दी थी। 2025 में यह संख्या घटकर 2.95 लाख रह गई और इस साल 2.84 लाख पर पहुंच गई है। यानी पिछले साल के मुकाबले आवेदनों में करीब 3.7 फीसदी की कमी आई है। अगर 2024 के रिकॉर्ड आंकड़े से तुलना करें तो आवेदन लगभग 13.7 फीसदी कम हुए हैं।
कैट के जरिए 22 आईआईएम और कई दूसरे नामी मैनेजमेंट संस्थानों में दाखिला मिलता है। लेकिन आवेदन कम होने से टॉप संस्थानों में एडमिशन आसान हो जाएगा, ऐसा नहीं कहा जा सकता। वजह यह है कि दाखिले में कैट स्कोर के साथ-साथ पढ़ाई का बैकग्राउंड, इंटरव्यू और हर संस्थान के अपने नियम भी मायने रखते हैं।
आजकल विद्यार्थी एमबीए चुनने से पहले फीस, प्लेसमेंट और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न (ROI) को भी देखते हैं। कई बड़े बिजनेस स्कूलों में एमबीए की कुल फीस काफी ज्यादा होती है। ऐसे में उम्मीदवार जानना चाहते हैं कि पढ़ाई पूरी होने के बाद कैसी नौकरी मिलेगी और कितने पगार का पैकेज मिलेगा। नौकरी के बाजार में बदलाव और कंपनियों में उतार-चढ़ाव की वजह से भी कुछ विद्यार्थी अपना फैसला बदल रहे हैं।
जो लोग पहले से नौकरी कर रहे हैं, उनके लिए दो साल के फुल-टाइम एमबीए के लिए मौजूदा आमदनी छोड़ना आसान नहीं होता। इसलिए कुछ लोग नौकरी के साथ एक्जीक्यूटिव एमबीए, ऑनलाइन कोर्स या दूसरे सर्टिफिकेट कोर्स के बारे में सोच रहे हैं।
मैनेजमेंट में करियर बनाने वालों के लिए कैट के अलावा XAT, SNAP, NMAT और CMAT जैसी परीक्षाओं का रास्ता भी खुला है। इनके जरिए अलग-अलग बिजनेस स्कूलों में दाखिला मिल सकता है। इस तरह उम्मीदवार अपनी तैयारी, पसंद के संस्थान और बजट के हिसाब से रास्ता चुन रहे हैं।
CAT 2026 का प्रवेश पत्र (हॉल टिकट) 4 नवंबर को जारी किया जाएगा। आवेदन की फीस सामान्य वर्ग के लिए 2,700 रुपये और आरक्षित वर्ग के लिए 1,350 रुपये रखी गई थी।