सीएसआईआर-यूजीसी नेट दिसंबर 2026 के लिए आवेदन शुरू, बायोटेक्नॉलॉजी के पेपर में बदलाव
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जॉइंट सीएसआईआर-यूजीसी नेट दिसंबर 2026 के ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। परीक्षा 19, 22 और 27 दिसंबर को होगी।
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जॉइंट CSIR-UGC NET दिसंबर 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो उम्मीदवार रिसर्च और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह अहम अपडेट है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट से फॉर्म भर सकते हैं।
इस बार परीक्षा की तारीखों के साथ विषयों में हुआ बदलाव भी खास है। खासकर बायोटेक्नॉलॉजी से जुड़े उम्मीदवारों को परीक्षा के नए ढांचे की जानकारी ज़रूर समझ लेनी चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया 7 अक्टूबर से शुरू हुई है। उम्मीदवार 5 नवंबर 2026 को रात 11:50 बजे तक फॉर्म जमा कर सकते हैं और परीक्षा शुल्क भर सकते हैं। जो उम्मीदवार तय समय में फॉर्म नहीं भर पाएंगे, उन्हें 6 से 9 नवंबर के बीच लेट फीस के साथ आवेदन करने का मौका मिलेगा। इसके लिए 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
फॉर्म में कोई गलती रह जाए तो उसे सुधारने के लिए 10 से 12 नवंबर के बीच 'करेक्शन विंडो' उपलब्ध रहेगी। आवेदन के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर दिसंबर 2026 परीक्षा के लिंक पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, ज़रूरी जानकारी भरनी होगी, दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे और शुल्क जमा करना होगा। फॉर्म सबमिट करने के बाद 'कन्फर्मेशन पेज' संभालकर रखना न भूलें।
NTA के जारी शेड्यूल के मुताबिक CSIR-UGC NET दिसंबर 2026 की परीक्षा 19, 22 और 27 दिसंबर को होगी। परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी और हर पेपर तीन घंटे का रहेगा। परीक्षा दो शिफ्ट में होगी। पहली शिफ्ट सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक चलेगी।
परीक्षा कुल पांच विषयों के लिए होगी। ये हैं केमिकल साइंसेस, अर्थ, एटमॉस्फेरिक, ओशन एंड प्लैनेटरी साइंसेस, लाइफ साइंसेस एंड बायोटेक्नॉलॉजी, मैथेमेटिकल साइंसेस और फिज़िकल साइंसेस।
परीक्षा शहर बताने वाली स्लिप और एडमिट कार्ड जारी करने की तारीख अलग से जल्द घोषित की जाएगी। उम्मीदवार ताज़ा अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।
अब बदलाव की बात। दिसंबर 2026 के परीक्षा चक्र में बायोटेक्नॉलॉजी विषय को लेकर एक बहुत अहम फैसला हुआ है। पहले अलग से होने वाली 'DBT-BET' परीक्षा को अब CSIR-UGC NET के 'लाइफ साइंसेस' पेपर के साथ जोड़ दिया गया है। इस बदलाव के बाद 'लाइफ साइंसेस एंड बायोटेक्नॉलॉजी' नाम का नया विषय शुरू किया गया है।
इस बदलाव की वजह से बायोटेक्नॉलॉजी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को नया सिलेबस गहराई से देख लेना चाहिए। पुराने नोट्स या पिछले साल के परीक्षा पैटर्न पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय आधिकारिक सूचना पुस्तिका से विषय और पात्रता की पुष्टि कर लेना बेहतर होगा। CSIR-UGC NET परीक्षा के ज़रिए जूनियर रिसर्च फेलोशिप, असिस्टेंट प्रोफेसर पद की पात्रता और पीएचडी एडमिशन की योग्यता तय होती है।