जापान के बोनिन द्वीप समूह में 6.5 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा नहीं
25 अक्टूबर 2026 को जापान के बोनिन द्वीप समूह के पास 6.5 रिक्टर स्केल का भूकंप आया। जान-माल के बड़े नुकसान की खबर नहीं है और सुनामी की चेतावनी जारी नहीं हुई।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
तिबेट में आए तबाही वाले भूकंप के बाद अब जापान में भी जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। इससे एशिया के इलाके में डर का माहौल है। 25 अक्टूबर 2026 को जापान के बोनिन द्वीप समूह में 6.5 रिक्टर स्केल का तेज भूकंप आया। बोनिन द्वीपों को ओगासावारा द्वीप भी कहा जाता है।
अचानक आए झटकों से इलाके में कुछ देर के लिए घबराहट फैल गई। लोग सुरक्षित जगह की तलाश में घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान जाने या संपत्ति को बड़ा नुकसान होने की खबर नहीं है।
यूनाइटेड स्टेट्स जिओलॉजिकल सर्वे (USGS) और जापान के मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक यह भूकंप रविवार सुबह स्थानीय समय के हिसाब से 11:09 बजे आया। इसका केंद्र टोक्यो से करीब 1,000 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में बोनिन द्वीप वाले इलाके में समुद्र के तल के नीचे लगभग 492 किलोमीटर की गहराई पर था।
भूकंप की गहराई बहुत ज्यादा थी (डीप अर्थक्वेक), इसलिए जमीन की सतह पर उसका असर काफी कम रहा। यही वजह है कि 6.5 जैसी बड़ी तीव्रता के बावजूद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई और बड़ी जनहानि टल गई।
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप वाले देशों में गिना जाता है। यह इलाका पैसिफिक और फिलीपींस टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा पर बसा है, इसलिए यहां जमीन के अंदर हलचल होती रहती है। झटका महसूस होते ही स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन व्यवस्थाओं को तुरंत अलर्ट कर दिया। समुद्र तल में गहराई पर केंद्र होने की वजह से सुनामी की लहरें उठने की आशंका को खारिज कर दिया गया। जापान के तटीय इलाकों के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है, फिर भी फिलहाल हालात पूरी तरह काबू में हैं।
इससे पहले पिछले गुरुवार, 22 अक्टूबर की रात तिबेट में 7.0 रिक्टर स्केल का भीषण भूकंप आया था, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। इसका केंद्र तिबेट के नागकू शहर की बाचेन काउंटी में जमीन के नीचे सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर था। कम गहराई (शैलो अर्थक्वेक) की वजह से इसकी तबाही बहुत ज्यादा रही।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हुई है और 76 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। तेज झटकों से 330 से ज्यादा कच्चे और पक्के मकान पूरी तरह गिर गए। प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए 12,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया है। तिबेट के इस दूरदराज इलाके में भारी ठंड के बीच राहत और बचाव का काम तेजी से चल रहा है।
सिर्फ जापान और तिबेट ही नहीं, जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जिओसाइंसेस (GFZ) के मुताबिक रविवार सुबह वानुआतू द्वीप समूह के पास भी 6.16 तीव्रता का तेज भूकंप दर्ज हुआ। पिछले कुछ दिनों में पैसिफिक के रिंग ऑफ फायर इलाके में एक के बाद एक बड़े भूकंप आए हैं। इसलिए भूविज्ञानियों ने इशारा किया है कि इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों के बीच तनाव बढ़ गया है।
तिबेट की दर्दनाक घटना ताजा ही थी कि जापान में 6.5 के भूकंप से पूरे पूर्वी एशिया में डर का साया फैल गया है। जापान में झटका महसूस होते ही लोग एहतियात के तौर पर खुले मैदानों की तरफ भागे। जापान की आधुनिक इमारतें भूकंप रोकने वाली तकनीक से बनी हैं, फिर भी तिबेट में हुई जनहानि की खबरों से लोगों में कुछ देर घबराहट रही।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने और आधिकारिक आपातकालीन सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। साथ ही आने वाले दिनों में संभावित आफ्टरशॉक्स यानी बाद के झटकों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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