वानुआतू के पास 7.2 तीव्रता का भूकंप, 300 किलोमीटर तक के तटों पर सुनामी का खतरा
दक्षिण पॅसिफिक के द्वीप देश वानुआतू के पास शनिवार को 7.2 तीव्रता का भूकंप आया। पॅसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने आसपास के तटों के लिए चेतावनी जारी की।
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दक्षिण प्रशांत महासागर में बसे द्वीप देश वानुआतू के पास शनिवार, 24 अक्टूबर को 7.2 रिक्टर तीव्रता का बहुत जोरदार भूकंप आया। इस झटके से पूरा दक्षिण प्रशांत इलाका हिल गया। इसके बाद पॅसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर (PTWC) ने आसपास के समुद्र किनारों पर खतरनाक सुनामी लहरों की चेतावनी जारी कर दी।
अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण संस्था यूनाइटेड स्टेट्स जिओलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक भूकंप का केंद्र वानुआतू द्वीप समूह के सोला (Sola) शहर से करीब 200 किलोमीटर पश्चिम में था। केंद्र समुद्र के नीचे सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर था। भूगर्भ विज्ञान के हिसाब से कम गहराई वाले भूकंप ज्यादा ताकतवर ऊर्जा छोड़ते हैं और समुद्र के पानी के स्तर में अचानक बड़ा बदलाव ला सकते हैं। इसी वजह से इस भूकंप का असर बहुत तेज रहने की आशंका जताई जा रही है।
USGS के मुताबिक पहले झटके के कुछ ही सेकंड बाद उसी इलाके में 6.9 तीव्रता का दूसरा भूकंप दर्ज किया गया। यह दूसरा झटका पोर्ट ऑलरी (Port Olry) से करीब 197 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में आया। ये दो अलग भूकंप थे या एक ही बड़े भूकंप के अलग-अलग चरणों के आकलन का फर्क, इसकी वैज्ञानिक बारीकी से जांच कर रहे हैं। मुख्य झटके के बाद समुद्र के तले में एक के बाद एक ताकतवर हलचलें भी दर्ज हुईं। इस इलाके में पिछले 30 दिन में 68 भूकंप दर्ज हुए हैं और यह उनमें सबसे बड़ा है।
भूकंप के कुछ ही मिनट बाद पॅसिफिक त्सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने आधिकारिक चेतावनी निकाली। सेंटर की सूचना के मुताबिक केंद्र से 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी तटीय इलाकों पर बड़ी और तबाही मचाने वाली लहरों की मार पड़ सकती है। जब समुद्र के तले में 10 किलोमीटर जैसी उथली गहराई पर इतना तेज झटका लगता है, तो महासागर का अरबों लीटर पानी अचानक अपनी जगह से हट जाता है और उसी से सुनामी की लहरें बनती हैं।
प्रशासन ने वानुआतू के आसपास के द्वीपों और तटीय गांवों को हाई अलर्ट पर रखा है। किनारे रहने वालों को सुरक्षित जगह ले जाने और एहतियात बरतने के आदेश दिए गए हैं। समुद्र किनारे मौजूद मछुआरों, पर्यटकों और बाशिंदों से तुरंत ऊंची और सुरक्षित जगह पर पनाह लेने को कहा गया है। पानी के स्तर में तेजी से चढ़ाव-उतार की आशंका जताई गई है। स्थानीय लोगों में काफी घबराहट है।
वानुआतू दक्षिण प्रशांत में फैले छोटे-छोटे द्वीपों का देश है, लेकिन यह दुनिया भर में मशहूर पॅसिफिक रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) के बहुत संवेदनशील भूगर्भीय पट्टे में आता है। यहां दुनिया में सबसे ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं। धरती के अंदर की टेक्टॉनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) यहां एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं या एक के नीचे दूसरी खिसकती हैं, जिससे बड़े भूकंप लगातार आते रहते हैं। वानुआतू में कुछ दिन पहले भी हल्के और मध्यम झटके दर्ज हुए थे। लेकिन आज के 7.2 के झटके और सुनामी की चेतावनी के बाद पूरे प्रशांत इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। समुद्र के तले में बनी लहरों की रफ्तार घंटे में सैकड़ों किलोमीटर तक हो सकती है, इसलिए शुरुआती कुछ घंटों में सावधानी रखना बहुत जरूरी है।
वानुआतू और आसपास के द्वीपों के स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन इंतजाम तैयार कर लिए हैं। राहत की बात है कि शुरुआती कुछ घंटों में किसी बड़ी जानमाल की हानि की आधिकारिक खबर नहीं आई है। फिर भी केंद्र से दूर की बस्तियों में इमारतों को नुकसान हुआ है या नहीं, इसका आकलन चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप कितना भी तेज हो, उसका असर इंसानी बस्ती से दूरी, इमारतों की बनावट और तट की भौगोलिक बनावट पर निर्भर करता है। फिलहाल सभी अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्थाएं इलाके की हलचल और समुद्र के पानी की चाल पर उपग्रह से बारीक नजर रखे हुए हैं।
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