जलगांव के नशिराबाद में 18 महिला समूहों को 1 करोड़ 8 लाख रुपये का कर्ज बांटा गया
नशिराबाद की यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा में उमेद के सेवा संकल्प अभियान के तहत बैंक मेले में 18 स्वयंसहायता समूहों को कर्ज मिला।
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जलगांव जिले के नशिराबाद में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में महिला स्वयंसहायता समूहों के लिए बैंक मेला लगाया गया। यह आयोजन राज्य सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग के तहत जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, जलगांव और महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका अभियान (उमेद) के जरिए 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत हुआ।
मेले में कुल 1 करोड़ 8 लाख रुपये के बैंकिंग लेन-देन और कर्ज बांटने की प्रक्रिया पूरी हुई, ऐसी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस पहल से गांव की महिलाओं की आर्थिक ताकत बढ़ेगी और महिला बचत समूहों के उद्योग-धंधों को नई दिशा मिलने में मदद होगी।
इसी मौके पर 18 स्वयंसहायता समूहों को 1 करोड़ 8 लाख रुपये का कर्ज बांटा गया। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक राजू लोखंडे, जलगांव पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी चंद्रकांत बोढरे, उमेद के जिला अभियान प्रबंधक हरेश्वर भोई और जिला प्रबंधक (आर्थिक समावेशन) चंद्रकांत सोनवणे की सोच और मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम हुआ। जिला परिषद सर्कल नशिराबाद भादली बुद्रुक क्लस्टर की क्लस्टर समन्वयक हेमांगी किशोर टोकेकर ने महिला समूहों को मार्गदर्शन दिया।
उमेद के तहत चलने वाला सेवा संकल्प अभियान ग्रामीण इलाकों के महिला समूहों को ज्यादा मजबूत और अपने पैरों पर खड़ा करने की दिशा में अहम कदम बताया गया है। इसका मकसद सिर्फ महिलाओं को सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाना नहीं है। उनमें नेतृत्व के गुण बढ़ाना, पैसे के फैसले लेने की क्षमता बढ़ाना, उद्यमशीलता पैदा करना और घर के आर्थिक नियोजन में उनकी हिस्सेदारी बढ़ाना भी प्राथमिकता में है।
बैंक मेलों से महिला समूहों और बैंक के बीच तालमेल पक्का होता है। समूहों की आर्थिक जरूरतें समझना, कर्ज की प्रक्रिया की जानकारी देना, जरूरी कागजात पूरे करवाना और बैंकिंग लेन-देन में पारदर्शिता रखना, इन बातों को खास अहमियत दी जाती है।
महिला स्वयंसहायता समूह ग्रामीण विकास का असरदार जरिया बन रहे हैं। बचत से शुरू हुआ महिलाओं का सफर अब उद्योग, व्यवसाय, उत्पादन, बिक्री और आर्थिक आत्मनिर्भरता तक पहुंच रहा है। उमेद अभियान से गांव की महिलाओं में पैसों के लेन-देन को लेकर जागरूकता आ रही है, और बैंकों से तालमेल बैठाकर कारोबार के लिए जरूरी आर्थिक मदद पाने का रास्ता आसान हो रहा है।
बैंक मेले में जलगांव पंचायत समिति के तहसील अभियान प्रबंधक रविद्र सूर्यवंशी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे और उन्होंने महिलाओं को आजीविका के विषय पर मार्गदर्शन दिया। तहसील प्रबंधक (आर्थिक समावेशन) स्वप्नील सोनार ने महिलाओं को आर्थिक साक्षरता के बारे में समझाया। नशिराबाद की यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बी. एम. स्वर्णेश गजभिये और डी. बी. एम. प्रमोद धमाले ने भी मौजूद रहकर स्वयंसहायता समूहों की महिलाओं को मार्गदर्शन दिया।