तिहरे हत्याकांड की 35 लाख की सुपारी का कथित कट नाकाम, जलगांव पुलिस ने पांच संदिग्ध पकड़े
भुसावल में गैंगवार की साजिश का पर्दाफाश, चार देसी कट्टे, नौ कारतूस और एमडी ड्रग्स जब्त।
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जलगांव पुलिस ने भुसावल शहर में तिहरे हत्याकांड और गैंगवार की एक साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस के मुताबिक मिथुन बारसे, क्रिश बारसे और करण की हत्या के लिए 35 लाख रुपये की सुपारी ली गई थी। इसी मामले में पुलिस ने पांच संदिग्ध शार्प शूटरों को अरेस्ट किया है।
पुलिस का कहना है कि साजिश सिर्फ हत्या तक नहीं रुकती थी। हत्या के बाद मारे गए लोगों के शरीर पर जो सोना होता, उसे लूटने का प्लान भी बनाया गया था।
पुलिस की जानकारी के मुताबिक बंटी पथरोड और शिव पथरोड पर इन हत्याओं की सुपारी देने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि सुपारी की रकम में से पांच लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए जा चुके थे।
पुलिस ने बताया कि एक अंतरजिला गैंग का प्लान था कि 11 अक्टूबर की आधी रात को जलगांव शहर के कंजरवाड़ा इलाके में मिथुन बारसे और क्रिश बारसे की हत्या की जाए और उनके शरीर पर मौजूद सोना लूट लिया जाए।
इस साजिश की खबर मिलते ही रामानंदनगर पुलिस ने पिंप्राळा इलाके में जाल बिछाया। इनोवा कार में जा रहे पांच संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया। उनकी तलाशी ली गई तो भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए।
जिन पांच लोगों को अरेस्ट किया गया है, उनके नाम खुशाल गजानन बोरसे, संदीप बबन लोंढे, राजू उर्फ ओमकार भदरगे, अरविंद विजय कांबळे और सोनू महेंद्र जयस्वाल हैं। पुलिस ने इनके पास से कुल चार देसी कट्टे, नौ कारतूस, धारदार हथियार और दूसरा सामान जब्त किया है।
इसके अलावा उमाळा में एक किराए के कमरे से दो देसी पिस्तौल, दो कारतूस और 62 ग्राम एमडी ड्रग्स भी जब्त किए गए।
इस मामले में बंटी पथरोड, शिव पथरोड, अभिषेक गोयर और रवी होळकर को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हत्या की साजिश ठीक-ठीक कैसे रची गई, सुपारी की रकम किससे और किसके जरिए दी गई, और इस गैंग के तार और किन लोगों से जुड़े हैं। जांच अभी जारी है।