किया इंडिया की सभी गाड़ियों को ARAI से AIS 189 और AIS 190 का सर्टिफिकेट मिला
किया इंडिया ने अपने पूरे वाहन पोर्टफोलियो के लिए ARAI से साइबर सिक्योरिटी और सॉफ्टवेयर अपडेट मैनेजमेंट के मानकों का सर्टिफिकेट मिलने की घोषणा की है।
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किया इंडिया ने ऐलान किया है कि उसके पूरे वाहन पोर्टफोलियो को ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) से AIS 189 और AIS 190 दोनों मानकों का 'कन्फर्मेशन ऑफ कॉम्प्लायन्स' सर्टिफिकेट मिल गया है। AIS 189 साइबर सुरक्षा से जुड़ा है, जबकि AIS 190 सॉफ्टवेयर अपडेट मैनेजमेंट से।
भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में गाड़ी की सुरक्षा अब सिर्फ एयरबैग, ब्रेक और क्रैश टेस्ट तक सीमित नहीं रह गई है। आज की कारों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल सिस्टम और सॉफ्टवेयर अपडेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है, इसलिए साइबर सुरक्षा भी अहम हो गई है।
इन सर्टिफिकेट के जरिए कंपनी की गाड़ियों की कनेक्टेड टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर अपडेट मैनेजमेंट पर खास ध्यान दिया गया है। AIS 189 गाड़ी बनाने वाली कंपनी के साइबर सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ा है। इसमें संभावित साइबर खतरों का आकलन, सुरक्षा का इंतजाम, खतरों पर लगातार नजर रखना और कोई दिक्कत आने पर सही कदम उठाने की प्रक्रियाएं शामिल हैं।
AIS 190 सॉफ्टवेयर अपडेट मैनेजमेंट सिस्टम (SUMS) से जुड़ा है। आज की कारों में कुछ अपडेट इंटरनेट के जरिए, यानी ओवर-द-एअर (OTA) तरीके से भेजे जा सकते हैं। ऐसे अपडेट की प्लानिंग, उनकी जांच और उन्हें सुरक्षित तरीके से लागू करने के लिए यह व्यवस्था अहम मानी गई है।
कस्टमर्स को क्या फायदा होगा, इस पर खबर में कहा गया है कि कनेक्टेड कारों में डिजिटल फीचर और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में गाड़ी के सिस्टम को सुरक्षित रखना और अपडेट सही ढंग से पहुंचाना जरूरी है। इन सर्टिफिकेट से कंपनी की साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर अपडेट प्रक्रियाओं को संबंधित मानकों के हिसाब से जांच की मंजूरी मिली है। इससे कनेक्टेड गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर कस्टमर्स का भरोसा बढ़ाने में मदद हो सकती है।
किया इंडिया के सेल्स एंड मार्केटिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अतुल सूद ने कहा कि गाड़ियां ज्यादा कनेक्टेड और सॉफ्टवेयर पर आधारित होती जा रही हैं, इसलिए ग्राहकों के डिजिटल अनुभव की हिफाजत करना जरूरी है। उनके मुताबिक कंपनी का जोर गाड़ी की पूरी उम्र तक साइबर सुरक्षा और अपडेट मैनेजमेंट को मजबूत रखने पर है।
आगे के लिए किया इंडिया ने कहा है कि वह संभावित खतरों पर लगातार नजर रखने, कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ाने और इंटरनल ऑडिट जैसे उपायों पर ध्यान देगी। इससे गाड़ियों के कनेक्टेड फीचर ज्यादा सुरक्षित रखने में मदद हो सकती है।
यह भी साफ है कि इन सर्टिफिकेट का मतलब यह नहीं कि हर गाड़ी साइबर हमलों से पूरी तरह सुरक्षित है। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि संबंधित सुरक्षा और अपडेट मैनेजमेंट की प्रक्रियाओं का मानकों के हिसाब से आकलन हुआ है।