सोने-चांदी पर आज शाम ET Now और ET Now Swadesh का साढ़े तीन घंटे का खास कार्यक्रम
19 अक्टूबर 2026 को शाम 4 से 7:30 बजे तक दो चैनलों पर Gold Mahakumbh 2026 में सोने-चांदी के बाजार पर चर्चा होगी।
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सोने और चांदी के दामों में हो रहे उतार-चढ़ाव से निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसी को देखते हुए आज, 19 अक्टूबर 2026 को 'Gold Mahakumbh 2026' नाम से एक खास कार्यक्रम रखा गया है। इसमें बाजार के रुझान, निवेश के मौके और संभावित जोखिम समझाए जाएंगे।
यह कार्यक्रम ET NOW और हिंदी बिजनेस न्यूज चैनल ET NOW Swadesh पर दिखाया जाएगा। दर्शक इसे शाम 4 बजे से 7:30 बजे तक देख सकेंगे। बुलियन मार्केट के जानकार, आर्थिक सलाहकार और ज्वेलरी उद्योग के बड़े नाम इसमें हिस्सा लेकर कीमती धातुओं से जुड़े अहम मुद्दों पर बात करेंगे।
भारतीयों के लिए सोना सिर्फ गहनों का विकल्प नहीं है। उसे परंपरा और आर्थिक नजरिए, दोनों से अहम संपत्ति माना जाता है। दुनिया की अर्थव्यवस्था की हलचल, महंगाई, ब्याज दर और भू-राजनीतिक हालात सोने के दामों पर असर डाल सकते हैं। इसी पृष्ठभूमि में कार्यक्रम में सोने के बाजार के रुझान और आगे होने वाली संभावित घटनाओं पर चर्चा होगी।
इसके अलावा सोने और चांदी की कीमतों के अल्पकालीन, मध्यमकालीन और दीर्घकालीन ट्रेंड का जायजा लिया जाएगा। निवेशकों को बाजार के मौके समझने और निवेश से पहले जोखिम परखने में इस चर्चा से मदद मिल सकती है।
निवेश के कई रास्ते आज मौजूद हैं। असली सोना-चांदी खरीदना, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) लेना या डिजिटल विकल्प चुनना, इनमें से सही रास्ता चुनते वक्त कई बातें देखनी पड़ती हैं। कार्यक्रम में इन विकल्पों के बीच फर्क, खर्च, तरलता और जोखिम पर बात होगी। निवेशकों को सिर्फ दाम बढ़ना नहीं देखना चाहिए। अपने आर्थिक लक्ष्य, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता पर भी गौर करना जरूरी है।
कार्यक्रम में क्वांटम म्युचुअल फंड के CIO चिराग मेहता, धन के संस्थापक जय प्रकाश गुप्ता, MCX के बुलियन प्रमुख शिवांशु मेहता, IAGES के CEO कौशलेंद्र सिन्हा और Kedia Advisory के अजय केडिया शामिल होंगे। साथ में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के भारत में क्षेत्रीय CEO सचिन जैन, निप्पॉन इंडिया म्युचुअल फंड के विक्रम धवन, IBJA के सुरेंद्र मेहता, PNG ज्वेलर्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सौरभ गाडगील और Senco Gold के प्रबंध निदेशक सुवंकर सेन भी रहेंगे।
सोने के बाजार में पारदर्शिता, जिम्मेदार तरीके से कच्चे माल की उपलब्धता और ज्वेलरी उद्योग के मानकों पर भी बात होगी। गहनों के कारोबार की चुनौतियां, स्टॉक का प्रबंधन और दामों के उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए हेजिंग का इस्तेमाल जैसे विषय भी इसमें शामिल हैं। आखिरी सत्र में छोटे निवेशकों के सवाल, पोर्टफोलियो प्रबंधन और कमोडिटी बाजार में जोखिम पर काबू पाने पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
Gold Mahakumbh 2026 का आयोजन IAGES, k-nest और PNG के सहयोग से किया गया है। सोने-चांदी में निवेश सोचने वालों के लिए बाजार के जानकारों की राय सुनने का यह एक मौका हो सकता है। लेकिन जानकारों के अंदाज पक्के मुनाफे की गारंटी नहीं होते। इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी आर्थिक हालत और संभावित जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।