मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
18:02 IST

होर्मुझ जलडमरूमध्य: ट्रम्प का दावा, ईरान के पास पैसे नहीं, तीन शर्तें ठुकराईं

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुझ जलडमरूमध्य को लेकर टकराव और तेज, ट्रम्प ने ईरान का प्रस्ताव सिरे से नकारा

होर्मुझ जलडमरूमध्य: ट्रम्प का दावा, ईरान के पास पैसे नहीं, तीन शर्तें ठुकराईं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

पश्चिम एशिया में जंग के बादल और गहरे होते जा रहे हैं। दुनिया भर में तेल सप्लाई के लिए अहम रास्ता माने जाने वाले होर्मुझ जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब बहुत आगे बढ़ चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बहुत आक्रामक रुख अपनाते हुए दावा किया है कि चल रही जंग और अमेरिका की सख्त समुद्री नाकाबंदी की वजह से ईरान की आर्थिक हालत बहुत खराब हो गई है।

ट्रम्प ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ईरान के पास अब पैसा बचा नहीं है, इसलिए तेहरान होर्मुझ जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द और तुरंत फिर से खोलना चाहता है। ट्रम्प के मुताबिक, होर्मुझ जलडमरूमध्य बंद करके पूरी दुनिया को दबाव में लाने का ईरान का फैसला आखिरकार उसी पर उल्टा पड़ गया है।

शुरुआत में ईरान ने दुनिया को परेशान करने की नीयत से इस जलमार्ग पर पाबंदियां लगाई थीं, लेकिन जवाब में अमेरिकी नौसेना ने अपने सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी और सख्त समुद्री नाकाबंदी लगा दी। इस व्यवस्था के तहत दूसरे देशों के जहाजों को तो सुरक्षित आने-जाने की इजाजत मिल गई, लेकिन ईरान के अपने व्यापारी और तेल ले जाने वाले जहाजों के रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए गए। इससे ईरान की सबसे बड़ी आमदनी का जरिया रुक गया है और उसे रोज भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

होर्मुझ जलडमरूमध्य की नाकाबंदी हटाने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने सात दिन का एक खास खाका और तीन बड़ी शर्तें रखी थीं। इनमें अमेरिका अपने बंदरगाहों पर लगी समुद्री नाकाबंदी तुरंत हटाए, ईरानी तेल की बिक्री पर लगे वैश्विक प्रतिबंध ढीले करे, और लेबनान में सीजफायर का पालन किया जाए, ये शर्तें शामिल थीं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से साफ कहा था कि ये शर्तें मान ली जाएं तो सात दिन के भीतर होर्मुझ जलडमरूमध्य फिर से पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

लेकिन ट्रम्प ने ईरान का यह प्रस्ताव सीधे ठुकरा दिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान जंग में बुरी तरह हार रहा है और उसकी कमाई शून्य हो चुकी है, इसी वजह से वह यह करार करना चाहता है। ट्रम्प के मुताबिक, "ईरान को लगा था कि वह दुनिया को मुश्किल में डाल देगा, लेकिन हमने उसी पर नाकाबंदी लगा दी। अब उसका पैसा खत्म हो गया है और वह करार के लिए जल्दी कर रहा है।" ट्रम्प ने साफ कहा कि ईरान की रखी शर्तें अमेरिका को किसी भी हाल में मंजूर नहीं हैं।

दूसरी तरफ ईरान भी अपने आक्रामक रुख पर कायम है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि जब तक अमेरिका उनकी सारी शर्तें नहीं मानता, तब तक होर्मुझ जलडमरूमध्य दोबारा खोलने का सवाल ही नहीं उठता। उनके मुताबिक ईरान की मांगों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और इस जलमार्ग का भविष्य सिर्फ इन शर्तों के पूरा होने पर ही निर्भर करेगा। तेहरान ने यह चेतावनी भी दी है कि अमेरिका और बिचौलियों के जरिए चल रही पर्दे के पीछे की बातचीत में अगर अमेरिका नरमी नहीं दिखाता, तो ईरान पीछे नहीं हटेगा।

होर्मुझ जलडमरूमध्य को दुनिया की अर्थव्यवस्था और ईंधन सप्लाई की मुख्य रीढ़ माना जाता है। इस जलमार्ग से रोज करोड़ों बैरल कच्चा तेल ले जाया जाता है। अमेरिका और ईरान के बीच इस अहम की लड़ाई और सैन्य टकराव से पूरे वैश्विक ईंधन बाजार पर गंभीर असर पड़ने की आशंका बन गई है। एक तरफ ट्रम्प ईरान को पूरी तरह आर्थिक रूप से कंगाल करने की कोशिश में हैं, तो दूसरी तरफ ईरान अपनी शर्तों पर अड़े रहकर अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह गतिरोध कैसे सुलझता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे