IB, LoC और LAC में असली फर्क क्या है? अरुणाचल में तनाव के बीच तीनों सीमाएं समझिए
अरुणाचल प्रदेश में LAC पर भारतीय और चीनी सैनिकों के आमने-सामने आने की बात सामने आई है। इसी बहाने समझिए कि अंतरराष्ट्रीय सीमा, नियंत्रण रेखा और प्रत्यक्ष नियंत्रण रेखा एक-दूसरे से कैसे अलग हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
भारत की सरहदों की हिफाजत करना दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में गिना जाता है। अखबार, न्यूज चैनल और इंटरनेट पर हम अक्सर अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border), नियंत्रण रेखा (Line of Control, LoC) और प्रत्यक्ष नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control, LAC) जैसे शब्द पढ़ते या सुनते हैं। आम आदमी के लिए ये सब बस देश की सीमाएं हैं। लेकिन फौजी और कूटनीतिक नजरिए से इन तीनों में जमीन-आसमान का फर्क है। हर सीमा का इतिहास, उसे मिली कानूनी मान्यता, वहां तैनात सुरक्षा बल और वहां होने वाले टकराव का रूप, सब अलग होता है।
हाल ही में इंडो-तिबेट बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने राजस्थान के अलवर में एक कार्यक्रम के दौरान अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा के हालात पर बात की। उन्होंने साफ कहा कि अरुणाचल प्रदेश में LAC पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने तनाव की स्थिति बनी है। LAC पर कई जगह ऐसा तनाव कोई नई बात नहीं है, फिर भी इसी वजह से तीनों सीमाओं का तकनीकी फर्क समझना एक बार फिर जरूरी हो गया है।
सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) की बात करें। यह वह रेखा होती है जिसे दोनों देश आपस में करार करके, नक्शे बनाकर और मिलकर सर्वे करके पक्का करते हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से यह सीमा पूरी तरह वैध मानी जाती है। भारत और पाकिस्तान के बीच गुजरात, राजस्थान, पंजाब और जम्मू इलाके की अंतरराष्ट्रीय सीमा 1947 के बंटवारे के वक्त तय हुई थी। बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और म्यांमार के साथ भारत की जो सीमाएं हैं, उन्हें भी अंतरराष्ट्रीय सीमा कहा जाता है।
जमीन पर अंतरराष्ट्रीय सीमा की पहचान आसान होती है। वहां सीमा के खंभे (Border Pillars), कंटीली बाड़ (Fencing) और लाइटें लगी होती हैं, इसलिए दोनों तरफ के लोगों और फौज को सीमा की सही जानकारी रहती है। इन सीमाओं की निगरानी ज्यादातर अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के पास होती है। पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) तैनात रहता है, जबकि नेपाल और भूटान की सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) तैनात है।
अब नियंत्रण रेखा (LoC) को लीजिए। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानी हुई आधिकारिक सीमा नहीं है। यह जम्मू-कश्मीर में भारत और पाकिस्तान के बीच एक अस्थायी फौजी रेखा है, जिसकी लंबाई करीब 740 किलोमीटर है। 1947-48 की भारत-पाक जंग के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) की मध्यस्थता से, जहां दोनों फौजों का नियंत्रण रुका, वहां सीजफायर लाइन खींची गई। बाद में 1971 की जंग के बाद 1972 के ऐतिहासिक शिमला करार में इस रेखा को नियंत्रण रेखा (LoC) नाम दिया गया।
LoC पर दोनों तरफ की फौजें आमने-सामने खड़ी रहती हैं। यह इलाका बेहद संवेदनशील है, इसलिए यहां नियमित गोलीबारी, घुसपैठ की कोशिशें और सीजफायर का उल्लंघन (Ceasefire Violations) देखने को मिलता है। इस रेखा की रखवाली सीधे भारतीय सेना (Indian Army) करती है। LoC के उत्तरी छोर पर सियाचिन ग्लेशियर के इलाके में करीब 110 किलोमीटर की एक और रेखा है, जिसे AGPL (Actual Ground Position Line) कहा जाता है।
तीसरी है प्रत्यक्ष नियंत्रण रेखा (LAC), जो भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है। यह भारत और चीन के बीच सबसे पेचीदा और विवादित मसला है, क्योंकि दोनों देशों ने मिलकर एक ही नक्शे पर इस रेखा को कभी मंजूर नहीं किया। LAC के तीन बड़े सेक्टर हैं। पश्चिमी सेक्टर लद्दाख का हिस्सा है, जहां अक्साई चिन का बड़ा भूभाग चीन ने गैरकानूनी तरीके से कब्जे में ले रखा है। मध्य सेक्टर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से लगी सीमा है, जो तुलनात्मक रूप से शांत मानी जाती है। पूर्वी सेक्टर में सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश आते हैं, जहां भारत 1914 की मैकमोहन रेखा (McMahon Line) को आधिकारिक सीमा मानता है, लेकिन चीन इस रेखा को नहीं मानता और पूरे अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा जताता है।
टकराव की मुख्य वजह यह है कि LAC को लेकर दोनों देशों की धारणा (Perception) अलग-अलग है। भारत के मुताबिक LAC जहां खत्म होती है, चीन के मुताबिक वह उससे अलग जगह पर होती है। इन overlapping दावों की वजह से दोनों देशों के सैनिक अपने-अपने इलाके में गश्त करते हुए आमने-सामने आ जाते हैं और विवाद खड़ा होता है। ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में जिन झड़पों का जिक्र किया, उनके पीछे यही मुख्य वजह है। LAC की सुरक्षा की जिम्मेदारी ITBP और भारतीय सेना पर मिलकर होती है।
तीनों सीमाओं का फर्क एक नजर में देखें तो अंतरराष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल वगैरह से जुड़ी है और अंतरराष्ट्रीय करारों से मान्य है। वहां साफ खंभे और कंटीली बाड़ हैं और BSF व SSB तैनात रहते हैं। LoC पाकिस्तान (जम्मू-कश्मीर क्षेत्र) से जुड़ी है, शिमला करार के तहत फौजी नियंत्रण रेखा है, कुछ हिस्सों में बाड़ है, बेहद कड़ा पहरा है और रखवाली भारतीय सेना करती है। LAC चीन से जुड़ी है, जहां दोनों देशों का अपना-अपना अलग दावा है, कोई बाड़ या पिलर नहीं हैं, और सुरक्षा ITBP व भारतीय सेना के पास है।
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