पुंछ में LoC के पास मिली लैंडमाइन, सेना के बम डिस्पोजल दस्ते ने सुरक्षित उड़ाई
मेंढर सब-डिव्हिजन में गश्त के दौरान मिली लैंडमाइन को सेना के बम डिस्पोजल दस्ते ने बिना किसी नुकसान के नष्ट किया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के पास एक लैंडमाइन मिलने से सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। मेंढर सब-डिव्हिजन में गश्त के दौरान यह लैंडमाइन दिखी। भारतीय सेना के बम डिस्पोजल दस्ते ने उसे सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
बालाकोट के फॉरवर्ड इलाके में सेना के जवान रोज की तरह गश्त पर थे, तभी उन्हें यह लैंडमाइन नजर आई। जवानों ने तुरंत खबर दी और बम डिस्पोजल दस्ते को मौके पर भेजा गया। दस्ते ने न किसी की जान जाने दी और न कोई नुकसान होने दिया, और लैंडमाइन को नष्ट कर दिया।
LOC से सटे इलाकों में घुसपैठ रोकने के लिए अलग-अलग जगहों पर लैंडमाइन का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन भारी बारिश और मौसमी बाढ़ के कारण कई बार ये लैंडमाइन अपनी असली जगह से बहकर दूसरी जगह पहुंच जाती हैं। इसी वजह से सुरक्षा बल ऐसे विस्फोटकों को ढूंढकर सुरक्षित तरीके से नष्ट करते हैं।
इससे पहले 5 अक्टूबर को मेंढर सेक्टर के बसूनी टॉप पर बॉर्डर फेंस के पास दो लैंडमाइन मिली थीं। तब भी बम डिस्पोजल दस्ते ने दोनों विस्फोटकों को कंट्रोल्ड ब्लास्ट के जरिए सुरक्षित तरीके से नष्ट किया था।
बारिश या बाढ़ से अपनी जगह बदल चुकी लैंडमाइन सिर्फ सुरक्षा जवानों के लिए ही नहीं, सीमा के पास रहने वाले आम लोगों के लिए भी खतरा बन सकती है। पहाड़ी इलाकों में जंगल की आग की वजह से पुरानी या जगह बदल चुकी लैंडमाइन के अचानक फट जाने का अंदेशा भी रहता है।
इस बीच सुरक्षा अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को आगाह किया है। खासकर किसानों और मवेशी चराने जाने वाले बच्चों से कहा गया है कि वे अनजान या शक पैदा करने वाली चीजों से दूर रहें। अपील में कहा गया है कि कोई भी धातु की या संदिग्ध चीज दिखे तो उसे न छुएं और न हिलाने की कोशिश करें।
ऐसी कोई चीज दिखे तो लोगों को फौरन नजदीकी सुरक्षा चौकी या पुलिस को खबर देनी चाहिए। उसके बाद प्रशिक्षित दस्ता उस चीज की जांच करता है और जरूरी कार्रवाई करता है। सीमा की सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर रखी गई है। ड्रोन के जरिए निगरानी और जंगलों में गश्त भी बढ़ा दी गई है।