रणजी ट्रॉफी: अरुणाचल की टीम नहीं पहुंची, कानूनी विवाद में नागालैंड को वॉकओवर
राज्य क्रिकेट संघ के अंदरूनी झगड़े और अदालती मामले की वजह से अरुणाचल प्रदेश 11 अक्टूबर को नागालैंड के खिलाफ अपना पहला रणजी मैच नहीं खेल सका।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
घरेलू क्रिकेट सीजन की शुरुआत में ही अरुणाचल प्रदेश की टीम के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। रणजी ट्रॉफी 2026-27 के प्लेट ग्रुप में अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड का मैच होना था, लेकिन अरुणाचल की टीम मैच के लिए पहुंची ही नहीं। इसके चलते नागालैंड को वॉकओवर मिल गया।
राज्य क्रिकेट मंडल के अंदरूनी विवाद और एक अदालती मामले की वजह से अरुणाचल की टीम 11 अक्टूबर को नागालैंड के खिलाफ अपना पहला रणजी मैच नहीं खेल पाई। यही नहीं, टीम को मेघालय के खिलाफ सीके नायडू ट्रॉफी के अपने पहले मैच से भी पीछे हटना पड़ा। बीसीसीआई ने भी पुष्टि की है कि ये मैच रद्द हो गए हैं।
पूरा मामला अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन (ACA) के चुनाव से जुड़ा है। एसोसिएशन इस वक्त कानूनी विवाद में फंसी हुई है और चुनाव को लेकर दो गुटों के बीच तीखा झगड़ा चल रहा है। कई जिला क्रिकेट संघों ने चुनाव में हेराफेरी और गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। इसके बाद यह मामला गुवाहाटी हाई कोर्ट की इटानगर बेंच के सामने पहुंच गया। नतीजा यह हुआ कि अरुणाचल प्रदेश रणजी ट्रॉफी 2026-27 के लिए अपनी टीम का ऐलान ही नहीं कर सका।
सीनियर टीम के खिलाड़ी तेची नेरी ने पुष्टि की कि खिलाड़ियों के लिए न कोई सिलेक्शन प्रक्रिया हुई, न तैयारी और न ही कोई प्रैक्टिस कैंप लगा। इस वजह से खिलाड़ी फिलहाल इटानगर में ही अटके हुए हैं। इस प्रशासनिक संकट का असर जूनियर क्रिकेट पर भी पड़ा है। राज्य की अंडर-19 टीम विनू मांकड ट्रॉफी में हिस्सा नहीं ले सकी।
बीसीसीआई के सचिव देवजित सैकिया पहले ही साफ कर चुके थे कि एसीए के दो गुटों के बीच चल रही मौजूदा तनातनी की वजह से क्रिकेट से जुड़े फैसलों और टीम चयन में रुकावट आ रही है। अरुणाचल प्रदेश के छह जिलों के क्रिकेट संघों ने एसीए के आधिकारिक चुनाव में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है और दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।
अरुणाचल के खेलने से इनकार करने के बाद नागालैंड को विजेता घोषित किया गया और उसे छह पॉइंट दिए गए। अगले हफ्ते अरुणाचल का मुकाबला सिक्किम से है। अगर कानूनी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और कोई फैसला नहीं आया, तो यह मैच भी रद्द हो सकता है।
पिछले 17 साल में यह पहला मौका है जब रणजी ट्रॉफी का कोई मैच रद्द हुआ है। इससे पहले 2009 में सर्विसेज की टीम ने सुरक्षा कारणों से श्रीनगर जाने से मना कर दिया था। उस वक्त जम्मू और कश्मीर को वॉकओवर से विजेता घोषित किया गया था।