बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
20:35 IST

गोंदिया के वृद्धाश्रम में सेवा संकल्प कार्यक्रम, बुजुर्गों से बात करने की अपील

गोंदिया के सिविल लाइन स्थित 'सावली' आश्रय केंद्र के वृद्धाश्रम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष कार्यक्रम हुआ।

गोंदिया, 14 तारीख। प्यार, अपनापन और लगाव से हालचाल पूछने वाले लोग आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कम होते जा रहे हैं। बुजुर्गों को अक्सर अकेलेपन का सामना करना पड़ता है। इसलिए उनके लिए वक्त निकालना, उनसे बात करना और उन्हें इज्जत से पेश आना जरूरी है। यह बात जिला समाज कल्याण अधिकारी भारती वरुडकर ने कही। उनके मुताबिक जीने का सलीका हमें दादा-दादी से मिलता है।

सेवा संकल्प अभियान के तहत सिविल लाइन, गोंदिया में 'सावली' शहरी बेघर आश्रय केंद्र के वृद्धाश्रम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक खास कार्यक्रम रखा गया था। भारती वरुडकर इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही थीं। मंच पर माय भारत के उपसंचालक सौरभ निशाद, जिला सूचना अधिकारी अंजु निमसरकर और सेंट ज़ेवियर्स हाई स्कूल की समन्वयक आफरीन मैडम मौजूद थीं। श्वाती वैद्य और विहान मोटकुरे भी मंच पर थे।

श्रीमती वरुडकर ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत वृद्धाश्रम के वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही यह पहल तारीफ के काबिल है। इंसान आखिरी सांस तक कुछ न कुछ सीखता रहता है। इसलिए बुजुर्गों को खुश रखना, उनसे बात करना और उन्हें भावनात्मक सहारा देना अहम है। हमउम्र लोगों के बीच विचारों का लेनदेन होता है और मन मिलते हैं। जिसके जीवन में दोस्त हैं, वह अकेला नहीं रहता। बुढ़ापे में अकेलापन महसूस होने लगे तो अपने पसंद के शौक पालना जरूरी है। शौक से मन खुश रहता है और जिंदगी को देखने का नजरिया सकारात्मक बनता है।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि जब भी वक्त मिले वृद्धाश्रम जाकर बुजुर्गों से मिलें और खुले मन से बात करें। अपने दादा-दादी समेत सभी वरिष्ठ नागरिकों के साथ इज्जत से पेश आना हर किसी की जिम्मेदारी है।

अंजु निमसरकर ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के जरिए वृद्धाश्रम के लोगों के चेहरे पर खुशी और नई ताजगी लाने की यह एक कोशिश है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के आखिरी तबके तक पहुंचें, इसलिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना जिला सूचना कार्यालय का मुख्य काम है। वृद्धाश्रम के लोगों के साथ वक्त बिताने और दिल खोलकर बात करने से उनके सुख-दुख बांटे जा सकते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें अपनेपन का एहसास होता है, उन्होंने बताया।

माय भारत के उपसंचालक सौरभ निशाद ने केंद्र सरकार की अलग-अलग योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में माय भारत कार्यालय की भूमिका बताई। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अच्छी पढ़ाई करके माता-पिता का नाम रोशन करें। माता-पिता को बुढ़ापे में वृद्धाश्रम में रहने की नौबत न आए, इसके लिए हर कोई अपने माता-पिता की देखभाल का संकल्प ले। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से देश के विकास में अहम योगदान देने की भी अपील की। सेंट ज़ेवियर्स हाई स्कूल की समन्वयक आफरीन मैडम ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के दौरान सेंट ज़ेवियर्स हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने बुजुर्गों के मनोरंजन के लिए मधुर गीत पेश किए। छात्रा प्रती उषा ने गाने पर नृत्य करके सबका दिल जीत लिया। अंजु निमसरकर ने भी 'मन उफनती हवाओं का, राज़ बारिश का...' गीत गाया। गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से वृद्धाश्रम के लोगों के चेहरे खिल उठे। इस पहल के जरिए वरिष्ठ नागरिकों के प्रति आदर, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

इस मौके पर गणमान्य लोगों के हाथों सिविल लाइन, गोंदिया में सावली आश्रय वृद्धाश्रम के परिसर में पौधे लगाए गए। कार्यक्रम की प्रस्तावना जिला सूचना अधिकारी अंजु निमसरकर ने रखी। संचालन उपसंपादक कैलाश गजभिये ने किया और तुषार उरकांदे ने सबका आभार माना। कार्यक्रम को कामयाब बनाने में सावली आश्रय केंद्र के प्रमुख लोकेश पटले और माय भारत कार्यालय के प्रविण हेडाऊ ने मेहनत की। वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के साथ सेंट ज़ेवियर्स हाई स्कूल के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद थे।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे