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09:08 IST

गोंदिया के दतोरा में बना वनराई बंधारा, ग्रामपंचायत अधिकारी युनियन ने की जल बचाने की पहल

ग्रामपंचायत अधिकारी युनियन की गोंदिया जिला शाखा और ग्रामपंचायत दतोरा ने मिलकर दतोरा में वनराई बंधारा बनाया।

गोंदिया के दतोरा में बना वनराई बंधारा, ग्रामपंचायत अधिकारी युनियन ने की जल बचाने की पहल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

गोंदिया, 16 तारीख: पानी बचाने, भूजल का स्तर बढ़ाने और आने वाले वक्त की पानी की किल्लत से निपटने के मकसद से दतोरा में वनराई बंधारा बनाया गया। यह नया उपक्रम ग्रामपंचायत अधिकारी युनियन की जिला शाखा गोंदिया और ग्रामपंचायत दतोरा ने मिलकर चलाया। इसके जरिए 'पानी रोको, पानी जमीन में उतारो' और प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाने का अहम संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी तानाजी लोखंडे मौजूद थे। उनके साथ उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी फणिंद्र कुत्तीरकर, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी मधुकर वासनिक (पंचायत), उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी कीर्तीकुमार कटरे (महिला बालकल्याण) और उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय लोंढे (पानी सप्लाई और स्वच्छता) भी आए। ग्रामपंचायत अधिकारी युनियन के जिलाध्यक्ष कमलेश बिसेन और दूसरे अधिकारी-कर्मचारी भी बड़ी तादाद में शामिल हुए।

तानाजी लोखंडे ने कहा, "बारिश का पानी रोककर उसका सही इस्तेमाल करना वक्त की जरूरत बन गया है।" फणिंद्र कुत्तीरकर के मुताबिक, "लोगों की भागीदारी से जलसंधारण की मुहिम खड़ी करके हर गांव को पानी बचाने के लिए आगे आना चाहिए।"

मधुकर वासनिक ने कहा, "आगे की पानी की किल्लत टालने के लिए पानी का किफायत से इस्तेमाल और जलस्रोतों को सहेजना बेहद जरूरी है।" कीर्तीकुमार कटरे का कहना था, "बारिश का पानी रोककर जमीन में उतारने के लिए हर गांव को जलसंधारण के कामों को प्राथमिकता देनी चाहिए।" विजय लोंढे ने कहा, "टिकाऊ पानी सप्लाई के लिए जलस्रोतों को बचाना और पानी का सही इस्तेमाल ही अहम रास्ता है।"

जलसंधारण की अहमियत बताते हुए युनियन के जिलाध्यक्ष कमलेश बिसेन ने कहा, "ग्रामपंचायत अधिकारी सिर्फ प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं हैं। वे गांव के विकास और सामाजिक बदलाव में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। संगठन के जरिए सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए जलसंधारण जैसे जनहित के काम करना हमारा मुख्य मकसद है।"

उन्होंने आगे बताया कि हमारे पुरखों ने पानी का सही नियोजन करके तालाब बनाए और पानी को जमीन में उतारा। इसी वजह से आज हमारे जिले में सौ फुट के भीतर भरपूर पानी मिल जाता है। लेकिन अगर इसे बचाकर नहीं रखा गया, तो आने वाले वक्त में भीषण पानी की किल्लत झेलनी पड़ेगी। उनके मुताबिक इस वनराई बंधारे से बारिश का पानी रोकने और जमीन में उतरने में बड़ी मदद मिलेगी।

इस मुहिम में सहायक ब्लॉक विकास अधिकारी वैशाली खोब्रागडे, जिलाध्यक्ष कमलेश बिसेन, महासचिव कुलदीप कापगते, विस्तार अधिकारी सुरेश निमजे, चुन्नीलाल गावलं और लक्ष्मीकांत चिंधालोरे, शाखा अभियंता मयंक माधवाणी, ग्रामपंचायत अधिकारी वाय. एच. बिसेन, प्रचार प्रमुख आर. आर. जमईवार, तालुका अध्यक्ष ओ. के. रहांगडाले और महासचिव दीपक रेवतकर शामिल रहे।

इनके अलावा दुर्गा भोंगाने, दिव्यानी डोंगरे, एस. एस. रहांगडाले, पी. बी. गिरीपुंजे, एन. एच. येळे, कुणाल कोसरकर, कुणाल रहांगडाले, एच. बी. पटले, पराग हेमने, जी. एन. लिल्हारे, के. पी. उपवंशी, जी. आर. उके, आर. डी. मेश्राम, डी. एस. अग्रवाल, के. जी. ठाकरे, एस. आर. कोठेवार, वेदमूर्ती साकुरे, शिवानंद गौतम, आर. जी. चौधरी, पी. आर. चौधरी, राजरत्न मेश्राम, अविनाश रहांगडाले, सी. ए. रहांगडाले, योगराज फुंडे, गोरे, पांडुरंग हरीखेडे, संजय कडव और जितेन्द्र रामटेके समेत जिले के ग्रामपंचायत अधिकारी बड़ी संख्या में हाजिर थे।

ग्रामपंचायत अधिकारी युनियन गोंदिया और ग्रामपंचायत दतोरा की इस साझा पहल को सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण की हिफाजत और जलसुरक्षा का अच्छा संदेश देने वाला बताया गया है। ऐसे प्रेरणा देने वाले कामों से गांवों में जलसंधारण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और पानी बचाने की मुहिम को ताकत मिलेगी।

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