मंगलवार, 3 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

गन्ने को 4500 रुपये टन भाव की मांग पर नागठाणे में हाईवे जाम, पृथ्वीराज चव्हाण पहुंचे

सियासत PT24 टीम

सातारा जिले के नागठाणे में शेतकरी संघटना और किसान काँग्रेस ने राष्ट्रीय महामार्ग पर चक्काजाम किया। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी आंदोलन में शामिल हुए।

सातारा जिले के नागठाणे में राष्ट्रीय महामार्ग पर किसानों ने चक्काजाम आंदोलन किया। आंदोलन की मुख्य मांग यह है कि गन्ने को प्रति टन 4500 रुपये का भाव मिले। यह आंदोलन शेतकरी संघटना और किसान कांग्रेस विभाग की तरफ से किया गया।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण खुद इस आंदोलन में शामिल हुए। चव्हाण ने मौके पर मौजूद किसानों से कहा कि उनकी मांगें रास्त हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में वे मुख्यमंत्री और संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से बात करेंगे और हल निकालने की कोशिश करेंगे।

वहां बोलते हुए चव्हाण ने कहा, "किसानों के गन्ने को उत्पादन खर्च के हिसाब से सही भाव मिलना जरूरी है। किसानों ने 4500 रुपये प्रति टन की जो मांग की है, उनकी मेहनत और बढ़े हुए उत्पादन खर्च को देखते हुए उसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। किसानों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से बात करके सकारात्मक हल निकालने के लिए मैं कोशिश करूंगा।"

आंदोलन की पृष्ठभूमि यह है कि गन्ने की खेती का खर्च लगातार बढ़ रहा है। मजदूरी, खाद, दवाइयां, सिंचाई, कटाई और ढुलाई, सब पर खर्च बढ़ा है, जिससे किसानों की आर्थिक परेशानी बढ़ रही है। इसी वजह से गन्ने को वाजिब और किफायती भाव मिलना किसानों के लिए जीने-मरने का सवाल बन गया है। इसी को देखते हुए शेतकरी संघटना और किसान कांग्रेस विभाग ने 4500 रुपये प्रति टन की मांग रखकर चक्काजाम का ऐलान किया था।

आंदोलन के दौरान चव्हाण ने वहां मौजूद किसानों से बातचीत की और उनकी अलग-अलग मांगें और दिक्कतें सुनीं। उन्होंने कहा कि किसानों के सवालों पर सरकार को फौरन फैसला लेना चाहिए। चव्हाण ने यह भी भरोसा दिलाया कि किसानों की मांगों को लेकर वे सरकार के स्तर पर पैरवी करेंगे।

चक्काजाम की वजह से नागठाणे में राष्ट्रीय महामार्ग पर ट्रैफिक पर असर पड़ा। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस का बड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया था।

आंदोलन में कई लोग शामिल हुए। इनमें शेतकरी संघटना के राजू शेळके, किसान कांग्रेस के कार्याध्यक्ष वसीम इनामदार, युवक कांग्रेस के माण तालुका अध्यक्ष महेश करचे और विकास पाटील-शिरगांवकर के साथ किसान कांग्रेस के पदाधिकारी, शेतकरी संघटना के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान थे। आंदोलनकारियों ने संकल्प जताया कि जब तक गन्ने को 4500 रुपये का भाव नहीं मिलता, यह लड़ाई जारी रहेगी।

#नागपुर#सियासत#PT24#Politics#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे