सातारा जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, इमारत खाली कराकर हुई जांच
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मुख्य न्यायाधीश के आधिकारिक ई-मेल पर आए धमकी भरे संदेश के बाद सातारा जिला न्यायालय की इमारत खाली कराई गई। बॉम्ब स्क्वॉड ने करीब डेढ़ घंटे तक तलाशी ली।
सातारा जिला न्यायालय की इमारत को बम से उड़ाने की धमकी सोमवार को मिली, जिससे जिले की पुलिस में हड़कंप मच गया। यह धमकी वाला ई-मेल सीधे मुख्य न्यायाधीश के आधिकारिक ई-मेल पर आया था। ई-मेल में चेतावनी दी गई थी कि दोपहर 3.15 बजे कोर्ट में बम धमाका किया जाएगा।
बताया गया है कि ई-मेल सोमवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे मिला। कोर्ट प्रशासन ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस अधीक्षक निखिल पिंगळे को दी। इसके बाद पुलिस महकमा फौरन हरकत में आ गया। पुलिस अधीक्षक के साथ स्थानीय अपराध शाखा के विश्वजीत घोडके, सातारा शहर पुलिस थाने के निरीक्षक सचिन मेत्रे और साइबर विभाग के निरीक्षक जय गायकवाड भी बॉम्ब स्क्वॉड और भारी पुलिस फोर्स के साथ कोर्ट पहुंचे।
मामला गंभीर होने के कारण कोर्ट प्रशासन ने पूरी इमारत तुरंत खाली करने का आदेश दिया। जज, वकील, पक्षकार और आम लोगों को बाहर निकाला गया। इससे कोर्ट परिसर में एकदम भागदौड़ मच गई।
उस वक्त कोर्ट के अलग-अलग कमरों में रोज का कामकाज चल रहा था। कुछ जगहों पर अहम सुनवाइयां हो रही थीं, तो कुछ अदालतों में चैप्टर केस चल रहे थे। इमारत खाली करने का निर्देश मिलते ही सारा कामकाज रोक दिया गया। जज, वकील और पक्षकार एक साथ बाहर आए, तो परिसर में काफी भीड़ जमा हो गई। इस अफरातफरी का असर सातारा-कोरेगांव रोड की ट्रैफिक पर भी पड़ा।
इसी बीच बॉम्ब स्क्वॉड ने बॉम्ब डिटेक्टर की मदद से कोर्ट की हर मंजिल, सभी कमरों और पूरे परिसर की करीब डेढ़ घंटे तक बारीकी से तलाशी ली। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में सख्त पुलिस बंदोबस्त रखा गया।
धमकी सीधे मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई थी, इसलिए पुलिस ने जांच को गंभीरता से लिया है। साइबर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ई-मेल कहां से भेजा गया, इसके पीछे कौन है और धमकी देने का मकसद क्या था। जांच एजेंसी का पूरा ध्यान ई-मेल का आईपी एड्रेस खोजने पर है। जांच के लिहाज से पुलिस ने इससे ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया।
इस घटना से कोर्ट से जुड़े लोगों में ही नहीं, सातारा शहर में भी कुछ देर के लिए डर और उलझन का माहौल रहा।
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