सालपे के पास सिग्नल की तार काटकर रुकवाई महालक्ष्मी एक्सप्रेस, दो महिलाओं के गहने चोरी
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मुंबई से कोल्हापुर जा रही गाड़ी रविवार आधी रात करीब 15 मिनट खड़ी रही। एस-2, एस-3 और एस-5 डिब्बों में घुसे चोर 52 हजार 600 रुपये के गहने ले गए।
मुंबई से कोल्हापुर जा रही महालक्ष्मी एक्सप्रेस में आधी रात को चोरी की बड़ी वारदात हुई है। सातारा जिले के सालपे रेलवे स्टेशन के पास चोरों ने सिग्नल सिस्टम की तारें काट दीं, जिससे गाड़ी बीच रास्ते रुक गई। इसके बाद वे डिब्बों में घुसे और दो महिला यात्रियों के गले और हाथ के सोने के गहने झपटकर भाग निकले। कुल 52 हजार 600 रुपये के गहने चोरी हुए हैं। दिवाली के मौसम में हुई इस वारदात से रेलवे यात्रियों की सुरक्षा का सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है।
मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना रविवार की आधी रात पुणे-मिरज रेलवे रूट पर सालपे स्टेशन के पास हुई। चोरों ने सिग्नल की तारें काटीं और इस वजह से महालक्ष्मी एक्सप्रेस करीब 15 मिनट तक खड़ी रही। ज्यादातर यात्री उस वक्त गहरी नींद में थे। गाड़ी रुकने का फायदा उठाकर चोर एस-2, एस-3 और एस-5 डिब्बों में दाखिल हुए। खिड़की के पास बैठी दो महिलाओं के सोने के गहने उन्होंने झपट लिए और फरार हो गए।
जिन दो महिलाओं के गहने गए, उनमें मुंबई की रहने वाली सुनिता गोरक्षनाथ तुपे और खोपोली की सुरेखा खाडे शामिल हैं। दोनों किसी पारिवारिक कार्यक्रम के लिए कोल्हापुर जा रही थीं। चोरी गए गहनों की कुल कीमत 52 हजार 600 रुपये बताई गई है। यह भी जानकारी सामने आई है कि गहने लेकर भागने के बाद चोरों ने गाड़ी पर पत्थर भी फेंके। इससे डिब्बों में बैठे यात्रियों में डर का माहौल बन गया।
वारदात की खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सिग्नल सिस्टम की मरम्मत की गई और सुबह सवा पांच बजे तक सिग्नल व्यवस्था फिर से पहले जैसी चालू कर दी गई। इस मामले में दो अलग-अलग केस दर्ज हुए हैं। सिग्नल सिस्टम में तोड़फोड़ का केस लोणंद की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) चौकी में दर्ज है, जबकि गहनों की चोरी का केस मिरज लोहमार्ग पुलिस के पास दर्ज किया गया है। पुलिस डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम की मदद से जांच कर रही है।
जांच में कई बातें देखी जा रही हैं। सिग्नल की तारें ठीक किस तरह काटी गईं, चोरों ने यह वारदात पहले से प्लान करके की थी या नहीं, और इस गिरोह में कोई और शामिल है या नहीं, इन सब सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। खबर में किसी की गिरफ्तारी का जिक्र नहीं है और आरोपियों की तलाश जारी है।
सिग्नल की तार काटकर गाड़ी रुकवाना और फिर डिब्बों में घुसकर यात्रियों के गहने चुराना, इस घटना ने रेलवे सुरक्षा की कमियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। त्योहारों के दिनों में गाड़ियों में यात्रियों की भीड़ ज्यादा रहती है। ऐसे में रेलवे रूट की सुरक्षा, सिग्नल सिस्टम की हिफाजत और रात में गश्त बढ़ाने की जरूरत साफ दिख रही है। अब आरोपियों को पकड़ना और यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता करना रेलवे प्रशासन और पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है।
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