सातारा जिला बैंक चुनाव में खुद को निरीक्षक बताने वाली महिला पुलिस हिरासत में
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
माण तालुका के दहिवडी में मतदान केंद्रों पर घूम रही महिला के पास निर्वाचन आयोग के नाम का पहचान पत्र था, लेकिन चुनाव के लिए उसकी कोई नियुक्ति नहीं थी।
सातारा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के संचालक मंडल के चुनाव के दौरान माण तालुका में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चुनाव निरीक्षक अधिकारी होने का दावा करके अलग-अलग मतदान केंद्रों पर घूम रही एक महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, 1 नवंबर को सुबह करीब 10.45 बजे दहिवडी के महात्मा गांधी विद्यालय और जूनियर कॉलेज में बने मतदान केंद्र क्रमांक आठ के पास एक सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा कार आई। कार से उतरी महिला के गले में भारत निर्वाचन आयोग के नाम वाला पहचान पत्र लटका हुआ था। खुद को चुनाव निरीक्षक अधिकारी बताते हुए उसने यह पहचान पत्र दिखाया और मतदान केंद्र के अंदर चली गई।
महिला का नाम वैशाली अशोक देशपांडे है और वह पुणे के पाषाण-सुस रोड की रहने वाली बताई गई है। जानकारी के मुताबिक वह सिर्फ एक केंद्र पर नहीं रुकी। दूसरे केंद्रों पर भी उसने निरीक्षक अधिकारी बताकर दौरे किए। उसने कई अधिकारियों के साथ फोटो भी खिंचवाए, इसलिए शुरुआत में किसी को उसकी पहचान पर शक नहीं हुआ।
चुनाव बंदोबस्त में तैनात कोरेगांव उपविभाग की उपविभागीय पुलिस अधिकारी राजश्री तेरणी और पुलिस निरीक्षक जालिंदर पळे को महिला के पद को लेकर शक हुआ। उन्होंने उसका पहचान पत्र जांचा, तो उस पर 'इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर, 209 शिवाजीनगर असेंब्ली, पुणे' लिखा मिला।
सातारा जिला बैंक के चुनाव के लिए उसे निरीक्षक के तौर पर नियुक्त ही नहीं किया गया था। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में महिला ने बताया कि 2023 में वह पुणे के शिवाजीनगर इलाके में मतदान केंद्र स्तर के अधिकारी के रूप में काम कर रही थी, तब उसने यह पहचान पत्र बनवा लिया था।
महिला के साथ एमएच 12 वायए 9997 नंबर की इनोवा क्रिस्टा कार थी। महिला ने कहा कि यह कार उसने किराये पर ली थी। कार के चालक मारुती छगन एकतपुरे और उनके साथ मौजूद तुकाराम शिवलिंग पाटोळे के बारे में भी पुलिस ने जानकारी ली है।
जिला पुलिस अधीक्षक के विशेष दस्ते ने महिला को हिरासत में लिया। पुलिस हवालदार अजय रामचंद्र झुंजार की शिकायत पर दहिवडी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। सहायक पुलिस निरीक्षक भाऊसाहेब गोसावी आगे की जांच कर रहे हैं।
इस घटना के बाद चुनाव केंद्रों की सुरक्षा और पहचान पत्रों की जांच का सवाल उठ खड़ा हुआ है।
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