मंगलवार, 3 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

नाशिक के किसान ने राष्ट्रपति से मांगी गांजा और खसखस की खेती की इजाजत

नाशिक के किसान ने राष्ट्रपति से मांगी गांजा और खसखस की खेती की इजाजत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

नाशिक के सायाळे गांव के किसान विजय रामनाथ शिंदे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को निवेदन देकर कुंभमेले तक गांजा और खसखस की खेती की अनुमति मांगी है।

महाराष्ट्र में गांजे की खेती करना जुर्म है। इसके बावजूद नाशिक के एक किसान ने सीधे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गांजा और खसखस की खेती की इजाजत मांगी है। नाशिक में होने वाले कुंभमेले का हवाला देकर की गई इस मांग से इलाके में हलचल मच गई है।

निवेदन देने वाले किसान का नाम विजय रामनाथ शिंदे है और वे नाशिक के सायाळे गांव के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि सिंहस्थ कुंभमेले के ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति मुर्मू नाशिक दौरे पर आई थीं, उसी दौरान शिंदे ने उन्हें यह निवेदन सौंपा। चर्चा यह भी है कि उन्होंने अपनी मांग के पक्ष में सिंहस्थ कुंभमेले का जिक्र किया है।

स्रोत के मुताबिक गांजे का पौधा एक तरह से दवा के काम आता है, लेकिन उसके कुछ अच्छे और कुछ बुरे गुण हैं। इसी वजह से राज्य में उसकी खेती की इजाजत नहीं है। शिंदे की इस अनोखी मांग की चर्चा अब नाशिक समेत पूरे राज्य में हो रही है।

एक मराठी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में शिंदे ने कई बातें रखीं। उनका कहना है कि इस साल नाशिक में कुंभमेला होना है और यहां लाखों की तादाद में साधू आएंगे। इन साधुओं के लिए जो गांजा लगता है, वह दूसरे राज्यों से आता है। शिंदे ने कहा कि राज्य में सूखे के हालात देखते हुए कम से कम कुछ समय के लिए ही सही, उन्हें गांजा और खसखस उगाने दिया जाए।

शिंदे ने यह भी कहा कि कुछ राज्यों में शर्तों के साथ गांजे की खेती की इजाजत दी जाती है, तो फिर महाराष्ट्र में क्यों नहीं। उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि अगर वे कुछ गलत कह रहे हैं तो उन पर केस दर्ज कर दिया जाए।

अपने निवेदन में शिंदे ने खेती की आर्थिक मुश्किलें गिनाई हैं। उनके मुताबिक इस साल की बारिश, उपज को मिल रहे कौड़ियों के भाव और सूखे के हालात से किसानों का आर्थिक हिसाब बिगड़ गया है। उनका कहना है कि पारंपरिक खेती से उम्मीद के मुताबिक आमदनी नहीं हो रही, इसलिए दूसरी फसलों के बारे में सोचना जरूरी है। इसी आधार पर उन्होंने स्थानीय किसानों को गांजा और खसखस उगाने की इजाजत देने की मांग की है।

सिन्नर तालुका में ऐसी मांग पहली बार नहीं उठी है। इसी साल मई में किसान सुनील उकिर्डे ने भी प्रशासन से ऐसी मांग की थी। प्याज का भाव सिर्फ 12.35 रुपये प्रति किलो मिलने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस नुकसान से उबरने के लिए उन्होंने तहसीलदार को निवेदन देकर गांजे की खेती की इजाजत मांगी थी।

अब किसानों की नजर इस पर टिकी है कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है।

#नागपुर#सियासत#PT24#Politics#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे