सांगली जिला बैंक चुनाव में जत से जीते पडळकर, बोले जयंत पाटील का वर्चस्व खत्म
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जत गट से जीत के बाद भाजपा विधायक गोपीचंद पडळकर ने विरोधियों पर निशाना साधा और जिला बैंक की सत्ता को लेकर दावे किए।
सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में जत गट से जीत हासिल करने के बाद भाजपा के विधायक गोपीचंद पडळकर ने विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "करेक्ट कार्यक्रम करने वालों का ही हमने टप्पे में लाकर कार्यक्रम कर दिया।"
पडळकर का दावा है कि उनके नतीजे से जिला बैंक का पूरा गणित बदल गया है और बैंक पर जयंत पाटील का वर्चस्व खत्म हो गया है। इस दावे के साथ उन्होंने जिले की राजनीति में नए संघर्ष का संकेत दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जिले में "मैं कहूंगा वही होगा" वाली इजारेदारी अब चलने नहीं दी जाएगी।
जत गट के मतदाताओं को बधाई देते हुए पडळकर ने कहा कि जत तालुका नया इतिहास रचने में माहिर है। उनके मुताबिक अगली पीढ़ी का नेतृत्व करने वाले नेता लगातार अलग-अलग नैरेटिव सेट कर रहे थे, लेकिन जत की जनता ने उनके नैरेटिव तोड़ दिए। पडळकर ने कहा, "करेक्ट कार्यक्रम करने वालों का ही कार्यक्रम हो गया है। हमने उन्हें टप्पे में लाकर कार्यक्रम किया। जत की जनता ने भी उनका कार्यक्रम किया।"
पडळकर ने आरोप लगाया कि कुछ नेता जिला बैंक पर एकछत्र वर्चस्व रखने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि विरोधियों की संस्थाएं तोड़कर उन्हें कौड़ियों के दाम पर खरीदने का धंधा चल रहा है, और उन्होंने इस प्रवृत्ति को चुनौती दी। उन्होंने साफ कहा, "जिले में मैं कहूंगा वही होगा, ऐसी इजारेदारी अब चलने नहीं देंगे।" उनके मुताबिक जिले की राजनीति में किसी की भी एकाधिकारशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पडळकर ने कहा कि वे पूरी ताकत से किसानों के साथ खड़े रहेंगे। इसी सिलसिले में उन्होंने कवठेमहांकाळ के चुनाव का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि घोरपडे को हराने के लिए कई साजिशें रची गईं, लेकिन वे सब पर भारी पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर पैसों का गलत इस्तेमाल हुआ और मतदाताओं को तरह-तरह के लालच दिखाए गए। अपनी जीत की अहमियत बताते हुए उन्होंने कहा, "हम चुनाव के मैदान में देर से उतरे, फिर भी सीधे बैंक में पहुंच गए।"
जिला बैंक की सत्ता में शामिल होने के सवाल पर पडळकर ने सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता जो फैसला लेंगे, वह उन्हें मंजूर होगा। उनके शब्दों में, अच्छे काम के पीछे वे खड़े रहेंगे और गलत काम का विरोध करेंगे।
बैंक की नौकरी भर्ती के मुद्दे पर भी पडळकर ने सख्त रुख रखा। उन्होंने कहा कि शिपाई भर्ती की जांच मुख्यमंत्री ने लगवाई है और अब क्लर्क पद की परीक्षा पर भी वे ध्यान देंगे। इस तरह जिला बैंक के चुनाव के बाद अब सत्ता के समीकरण, नौकरी भर्ती और बैंक के कामकाज को लेकर राजनीतिक खींचतान तेज होने के आसार हैं।
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