मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

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एप्पल की नौकरी छोड़ प्रणीता पुजारी ने माइग्रेन से तंग आकर शुरू किया AI हेल्थकेयर स्टार्टअप

एप्पल की नौकरी छोड़ प्रणीता पुजारी ने माइग्रेन से तंग आकर शुरू किया AI हेल्थकेयर स्टार्टअप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

हर आईआईटीयन का सपना होता है कि वह दुनिया की किसी बड़ी कंपनी में काम करे। भारतीय मूल की प्रणीता पुजारी ने भी यही किया। आईआईटी कानपुर से पढ़ाई के बाद उन्होंने अमेरिका से एमबीए किया। करियर की शुरुआत फ्लिपकार्ट और ऐमेजॉन के साथ हुई, फिर वे एप्पल जैसी बड़ी टेक कंपनी में पहुंचीं। वहां वे एप्पल वॉच की वर्ल्डवाइड प्रोडक्ट प्लानिंग टीम में लीडरशिप की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। लेकिन 6 साल की नौकरी के बाद उन्होंने उसे छोड़ दिया और अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया।

एप्पल की यह स्मार्टवॉच लोगों को अपनी सेहत और फिटनेस का ध्यान रखने में मदद करती है। प्रणीता अब अपने नए स्टार्टअप 'यूनिक ह्यूमन' (UniqueHuman) के जरिए हेल्थकेयर में एक कदम आगे जाना चाहती हैं। यह AI पर चलने वाला हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म माइग्रेन और दूसरी लंबी बीमारियों से जूझ रहे लोगों की मदद कर सकता है। बताया जा रहा है कि इसके जरिए माइग्रेन जैसी कई बीमारियों के लक्षण पहचाने जा सकते हैं।

प्रणीता पुजारी इंजीनियर और प्रोडक्ट लीडर हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से मेकैनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद वे अमेरिका गईं और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए किया। उन्होंने लंडन बिजनेस स्कूल और ब्रिटेन के एक कंज्यूमर संगठन में बिहेवियरल साइंस रिसर्च से जुड़ा काम भी किया है।

करियर की शुरुआत उन्होंने फ्लिपकार्ट से की थी, जहां उन्होंने 2014 से 2017 तक काम किया। उस दौरान वे कैटेगरी मैनेजमेंट, प्राइसिंग एल्गोरिदम और प्रोडक्ट ग्रोथ जैसे कामों से जुड़ी रहीं। उसके बाद उन्होंने ऐमेजॉन में सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर काम किया।

जुलाई 2019 में प्रणीता ने एप्पल जॉइन किया। वहां पहले उन्होंने आईफ़ोन की प्रोडक्ट प्लानिंग पर काम किया और बाद में एप्पल वॉच की वर्ल्डवाइड प्रोडक्ट प्लानिंग टीम को लीड किया। अप्रैल 2025 तक वे कंपनी में रहीं। उसके बाद उन्होंने अपना स्टार्टअप शुरू करने की तरफ कदम बढ़ाया।

हेल्थकेयर में आने का उनका फैसला सिर्फ टेक्नोलॉजी से जुड़ा नहीं था, इसके पीछे उनका अपना तजुर्बा भी है। वे खुद माइग्रेन से परेशान थीं। इसके अलावा करीब 10 साल तक उन्होंने अपनी मां के लंबे समय तक चले दर्द को संभालने में मदद की। इन्हीं अनुभवों से उन्हें यह स्टार्टअप शुरू करने का आइडिया मिला।

'यूनिक ह्यूमन' के जरिए प्रणीता चाहती हैं कि लोग अपनी सेहत की जानकारी का बेहतर इस्तेमाल कर सकें। आम तौर पर स्मार्टवॉच और हेल्थ ऐप कदमों की गिनती, हार्ट रेट और नींद जैसी चीजें दर्ज करते हैं। लेकिन यह प्लेटफॉर्म इस जानकारी से आगे जाकर काम करेगा। इसे माइग्रेन, फाइब्रोमायल्जिया, POTS (खड़े होने पर दिल की धड़कन असामान्य रूप से बढ़ने की स्थिति) और लॉन्ग कोविड जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए डेवलप किया जा रहा है। इसके लिए एप्पल वॉच, ओरा रिंग और गार्मिन जैसे डिवाइस से मिलने वाले डेटा के साथ मेडिकल रिकॉर्ड, लैब रिपोर्ट और लक्षणों की जानकारी का इस्तेमाल होगा।

'UniqueHuman' में Niq नाम का एक AI असिस्टेंट है। यह यूजर की सेहत से जुड़ी जानकारी समझकर यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि बीमारी के लक्षण किन वजहों से बढ़ सकते हैं। मिसाल के तौर पर माइग्रेन के मरीज के मामले में यह असिस्टेंट समझने में मदद कर सकता है कि नींद की कमी, तनाव, पानी की कमी, दवाइयां या माहवारी का समय माइग्रेन से जुड़े हैं या नहीं।

प्लेटफॉर्म में 'फ्लेयर-अप मॉनिटर' नाम का फीचर भी है। इसे इसलिए बनाया गया है कि लक्षण बढ़ने के शुरुआती संकेत मिलते ही यूजर को अलर्ट किया जा सके। इसके अलावा लोग अपने लक्षणों और दवाइयों का रिकॉर्ड रख सकते हैं, डॉक्टर को दिखाने के लिए रिपोर्ट बना सकते हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह लेने में भी मदद पा सकते हैं। हालांकि यह AI बीमारी के लक्षण बढ़ने का सही अंदाजा लगा पाएगा या नहीं, यह अभी साबित होना बाकी है। कंपनी का कहना है कि इस AI को डॉक्टरों की मदद के लिए बनाया गया है, उनकी जगह लेने के लिए नहीं।

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