दक्षिण चीन समुद्र में प्रातास बेटों के पास चीनी जहाजों की हलचल, ताइवान ने जताया विरोध
प्रातास बेटों के पास चीनी तटरक्षक दल के जहाजों की हलचल से चीन और ताइवान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है।
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दक्षिण चीन समुद्र में प्रातास बेटों के पास चीनी तटरक्षक दल के जहाजों की हलचल से चीन और ताइवान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। चीन ने इस इलाके पर अपनी संप्रभुता का दावा किया है, जबकि ताइवान ने चीन की कार्रवाइयों को उकसाने वाला बताया है। 21 अक्टूबर को सामने आई घटनाओं के बाद इस समुद्री इलाके की सुरक्षा का सवाल फिर से उठ खड़ा हुआ है।
ताइवान के तटरक्षक दल की दी हुई जानकारी के मुताबिक चीनी तटरक्षक दल के जहाज प्रातास बेटों के पास के प्रतिबंधित समुद्री इलाके में दाखिल हो गए। इसके बाद ताइवान ने अपना गश्ती जहाज तायचुंग मौके पर भेजा। दोनों तरफ से रेडियो संदेश के जरिए एक दूसरे को चेतावनी दी गई। चीन ने कहा है कि इस इलाके में उसकी गश्त कायदे के मुताबिक है। ताइवान ने चीन के इस रुख का विरोध किया और कहा कि इस समुद्री इलाके से चीन का कोई लेना-देना नहीं है। इस दौरान दोनों जहाज एक दूसरे के बिल्कुल पास जाकर टकराव करते दिखाई दिए हैं।
इससे पहले 18 अक्टूबर को ताइवान के तटरक्षक दल ने दावा किया था कि उसने चीन के 16 जहाजों को पीछे हटाया। इनमें तटरक्षक दल के जहाज, रिसर्च जहाज और मछली पकड़ने वाली नावें शामिल थीं। इन जहाजों की एक जैसी हलचल को ताइवान ने मेरीटाइम हैरेसमेंट, यानी समुद्री उत्पीड़न की कार्रवाई कहा है।
इस टकराव का असर सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं है। इस इलाके के समुद्री रास्ते, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और दुनिया की सप्लाई चेन के लिहाज से बहुत अहम हैं। अमेरिका ने ताइवान की सुरक्षा को समर्थन दिया है, इसलिए इस टकराव में अमेरिका की भूमिका भी अहम रहने वाली है।
चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है। ताइवान की सरकार ने चीन का यह दावा खारिज कर दिया है। इसी वजह से दोनों के बीच यह टकराव काफी लंबे समय से चला आ रहा है। मौजूदा घटनाओं से तनाव फिर बढ़ा है, फिर भी फिलहाल तुरंत जंग शुरू होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यह डर जताया जा रहा है कि चीन आज नहीं तो कल ताइवान पर हमला करेगा। ईरान और अमेरिका की जंग में अमेरिका को बड़ा झटका लगा है और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमलों से उसे भारी नुकसान हुआ है। इसी बीच बीते कुछ दिनों में अमेरिका ने चीन के करीब तैनात अपनी फौज को पहली लाइन से हटाकर तीसरी लाइन पर पीछे कर लिया था। इन सबके बीच चीन और ताइवान का विवाद फिर भड़कने के आसार दिख रहे हैं।
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