तैवान के आसपास चीन के 14 विमान और 8 जहाज दिखे, तैवान ने बढ़ाई चौकसी
तैवान के रक्षा अधिकारियों के मुताबिक 24 घंटे में चीन के 14 सैन्य विमानों की हलचल दर्ज हुई, 9 विमान ADIZ में घुसे।
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तैवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 14 विमानों ने तैवान के हवाई इलाके में हलचल की, ऐसी जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही चीन के नौदल के 7 जहाज और एक आधिकारिक जहाज भी तैवान के आसपास देखे गए। इस वजह से तैवान की सुरक्षा व्यवस्था ने चौकसी बढ़ा दी है।
तैवान के रक्षा अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक 6 अक्टूबर की सुबह 6 बजे से 7 अक्टूबर की सुबह 6 बजे तक चीन के 14 सैन्य विमानों की हलचल दर्ज की गई। इनमें से 9 विमान तैवान के उत्तर, मध्य और दक्षिण-पश्चिम की तरफ के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) में दाखिल हुए।
चीन की तरफ से तैवान के चारों ओर इस तरह की सैन्य गश्त लगातार होती रहती है, इसलिए तैवान के लिए यह स्थिति अब नई नहीं रही। फिर भी विमानों की संख्या और अलग-अलग दिशाओं में उनकी हलचल की वजह से तनाव बना हुआ है।
चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तैवान ने भी अपनी सैन्य व्यवस्था को सक्रिय कर दिया। तैवान की वायुसेना के गश्ती विमान, नौदल के जहाज और तट पर लगी मिसाइल प्रणाली तैनात की गई। बताया जा रहा है कि चीन की हर हरकत पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए तैवान की रक्षा प्रणाली तैयार है।
पिछले कुछ समय से चीन की तरफ से तैवान के आसपास विमानों और नौदल के जरिए दबाव बढ़ाने की रणनीति दिख रही है।
चीन तैवान को अपना अविभाज्य हिस्सा मानता है और बीजिंग ने द्वीप पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरत पड़ने पर बल के इस्तेमाल का विकल्प भी खुला रखा है। दूसरी तरफ तैवान अपनी खुद की सरकार, सेना और अलग प्रशासनिक व्यवस्था चलाता है।
इसी वजह से तैवान का मसला एशिया-पैसिफिक के सबसे संवेदनशील मुद्दों में गिना जाता है। चीन की बढ़ती सैन्य हलचल के चलते अमेरिका, जापान और दूसरे देशों की भी इस इलाके की घटनाओं पर नजर है। फिलहाल चीन की तरफ से बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू होने के संकेत नहीं हैं, लेकिन तैवान के आसपास बढ़ी हुई सैन्य मौजूदगी आगे के लिए तनाव की आशंका बनाए हुए है।