चंद्रपुर में येहोवा यिरे सोसायटी के संचालकों पर केस, 1332 निवेशकों के 8.60 करोड़ फंसे
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चंद्रपुर की आर्थिक अपराध शाखा ने येहोवा यिरे अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालकों के खिलाफ फ्रॉड का मामला दर्ज किया है। निवेशकों से दस्तावेज लेकर संपर्क करने को कहा गया है।
चंद्रपुर में येहोवा यिरे अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के संचालकों के खिलाफ फ्रॉड का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस की जानकारी के मुताबिक शिकायत में कहा गया है कि 1332 निवेशकों के करीब 8.60 करोड़ रुपये सोसायटी में फंस गए हैं। आरोप है कि ज्यादा ब्याज का लालच देकर लोगों से यह रकम जमा कराई गई। मामले की जांच चंद्रपुर की आर्थिक अपराध शाखा कर रही है और इस खबर से जिले में हड़कंप मच गया है।
पुलिस के मुताबिक शिकायत चंद्रकिशोर नामदेव मांडवकर ने दी है। वे 52 साल के हैं और आनंदवन चौक, द्वारकानगरी बोर्डा, तालुका वरोरा, जिला चंद्रपुर के रहने वाले हैं। शिकायत के अनुसार सोसायटी चंद्रपुर में 23 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई थी और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर CHD/CHD/RSR/CR130/2023-24 है।
शिकायत में संचालक के तौर पर अपेक्षा स्नेहदिप जोब, अतुल सोपन बन्सोड, दुर्गा गौरंग मंडल, वैशाली मधुकर बुच्चे, पल्लवी रुषी वासेकर, तेजस्विनी अतित्या लोखंडे, प्रिती विनोद भिलकर, वैभव गुरुदेव चौधरी और विकास देवराव दुधबले के नाम हैं। आरोप है कि इन संचालकों ने स्थानीय स्तर पर एजेंट, मैनेजर और दूसरे कर्मचारी रखे थे।
शिकायत के हिसाब से आरोपियों ने कई लुभावनी स्कीमों के नाम पर आम लोगों से पैसे लिए। सोसायटी की तरफ से बचत खाते पर सालाना 4 फीसदी ब्याज और फिक्स डिपॉजिट पर 9.75 फीसदी ब्याज का वादा किया गया था। टीडीएस टाइम डिपॉजिट स्कीम में कहा गया कि 1399 रुपये 22 महीने तक भरने पर 24वें महीने में 84,174 रुपये मिलेंगे। दूसरा विकल्प यह था कि 68,000 रुपये एक बार भरने पर 24 महीने बाद 84,174 रुपये मिलेंगे।
इसके अलावा युवा बचत धन योजना, बचत धन योजना और एमआईएस मासिक बचत योजना में 14,145 रुपये तिमाही, 28,290 रुपये छमाही या 56,580 रुपये सालाना भरने पर 4,52,928 रुपये की दैनिक जमा योजना का फायदा देने का लालच दिया गया था, ऐसा शिकायत में कहा गया है।
रकम का हिसाब कुछ यूं है। शिकायतकर्ता मांडवकर के 8 लाख 84 हजार 174 रुपये और बाकी 1331 निवेशकों के 8 करोड़ 51 लाख 11 हजार 664 रुपये मिलाकर कुल 8 करोड़ 59 लाख 95 हजार 838 रुपये संचालकों ने जमा किए, ऐसा आरोप है। शिकायत के मुताबिक तय वादे के हिसाब से पैसे लौटाए नहीं गए।
इसी पर रामनगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5), 316(2) और 3(5) के साथ एमपीआईडी (MPID) कानून 1999 की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल इसकी गहराई से जांच आर्थिक अपराध शाखा के हाथ में है।
पुलिस का कहना है कि पीड़ित निवेशकों की रकम की लिस्ट बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। जिन निवेशकों को अब तक पैसे वापस नहीं मिले हैं, उनसे अपील की गई है कि वे निवेश का सर्टिफिकेट, रकम जमा करने की रसीदें, आधार कार्ड, पैन कार्ड और जिस बैंक खाते में पैसे चाहिए उस राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक की जेरॉक्स कॉपी साथ लेकर आएं।
महाराष्ट्र सरकार के परिपत्र क्रमांक एमपीआय/प्र.क्र. 09/पोल-11 दिनांक 25 फरवरी 2019 के तहत निवेशकों को परिशिष्ट-1 के तय फॉर्म में आवेदन भरकर देना है। इसके लिए उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में बनी आर्थिक अपराध शाखा, दुर्गापुर में खुद हाजिर होना होगा। यह अपील आर्थिक अपराध शाखा के सहायक पुलिस निरीक्षक अतुल कावले ने की है।
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