नागपुर के DCP ऋषिकेश रेड्डी को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक 2026 मिला
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नांदेड़ के अंधे कत्ल की गुत्थी 20 दिन में सुलझाने पर नागपुर जोन-1 के DCP को सम्मान, तीन और अफसर भी चुने गए।
नागपुर जोन-1 के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) ऋषिकेश रेड्डी को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक 2026 (Kendriya Grihmantri Dakshata Padak) से सम्मानित किया गया है। यह पदक उन्हें एक बड़े हत्या मामले की जांच में उनके काम के लिए मिला है, जिसमें एक कथित अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
गृह मंत्रालय ने 31 अक्टूबर को इन पदकों का ऐलान किया। देश भर के अलग-अलग राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के 490 कर्मियों को यह सम्मान दिया गया है।
रेड्डी को यह पदक नांदेड़ के एक अंधे कत्ल की गुत्थी सिर्फ 20 दिन में सुलझाने के लिए मिला है। उस वक्त वे संभाजीनगर में महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) में सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद पर थे।
मामला 10 फरवरी 2025 का है, जब नांदेड़ में गोलीबारी की एक वारदात में एक नौजवान की जान चली गई। शुरू में यह एक अंधे कत्ल की जांच लग रही थी, लेकिन आगे चलकर एक कथित साजिश सामने आई। यह साजिश पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा और उसके साथी हैप्पी पासिया से जुड़ी बताई गई है। दोनों बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े हैं।
जांच में 14 आरोपी पहचाने गए, जिनमें से 10 को गिरफ्तार किया गया। बाकी चार के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किए गए हैं, क्योंकि माना जा रहा था कि वे भारत से बाहर हैं। इस कामयाबी में महाराष्ट्र ATS, पंजाब पुलिस, खुफिया एजेंसियों, NATGRID और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मिलकर काम किया।
रेड्डी के साथ नागपुर से जुड़े तीन और अफसरों को भी इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है। इनमें महाराष्ट्र की राज्य फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरीज के डायरेक्टर विजय ठाकरे, पहले धंतोली पुलिस स्टेशन में तैनात रहीं इंस्पेक्टर प्रभावती एकुरके और बेलतरोड़ी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर रितेश अहेर शामिल हैं।
इंस्पेक्टर एकुरके को जनवरी 2023 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नागपुर जनसंपर्क कार्यालय में आई धमकी भरी कॉलों की जांच के लिए सम्मानित किया गया। आरोप है कि कॉल करने वाले ने 100 करोड़ रुपये मांगे थे और मंत्री को जान से मारने की धमकी दी थी।
जांच में ये कॉल कुख्यात अपराधी जयेश कंथा उर्फ जयेश पुजारी तक पहुंचे। आरोप है कि उसने कर्नाटक की बेलगावी जेल से अवैध तरीके से चलाए जा रहे मोबाइल फोन से ये कॉल किए। जांच में लश्कर-ए-तैयबा के operative अफसर पाशा से भी तार जुड़े मिले। इंस्पेक्टर रितेश अहेर ने इस जांच में मदद की।
केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक पुलिस ऑपरेशन, जांच, खुफिया सेवाओं और फॉरेंसिक साइंस में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। गृह मंत्रालय ने इसे फरवरी 2024 में शुरू किया था। यह हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर घोषित होता है।
रेड्डी को मिले इस सम्मान से संगठित अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जांचों में नागपुर के पुलिस नेतृत्व का योगदान सामने आता है। तीन और अफसरों का चयन पुलिसिंग और फॉरेंसिक के क्षेत्र में शहर की भूमिका को और रेखांकित करता है।
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