शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

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नांदेड़ हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने वाले डीसीपी ऋषिकेश सिंगारेड्डी को केंद्रीय गृहमंत्री पदक

नांदेड़ हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने वाले डीसीपी ऋषिकेश सिंगारेड्डी को केंद्रीय गृहमंत्री पदक
जुर्म PT24 टीम

सिर्फ 20 दिनों में सुलझाया ब्लाइंड मर्डर केस, जांच में पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल और आतंकी रिंदा के नेटवर्क का हुआ था खुलासा, डॉ. विजय ठाकरे, पीआई प्रभावती एकुरके और रितेश अहेर भी होगे सम्मानित

नागपुर.

देश की सुरक्षा के लिए दिन-रात जुटे रहने वाले नागपुर के पुलिस अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने से लेकर आतंकवादी संगठनों की साजिश बेनकाब करने तक, अपनी बेहतरीन जांच से पहचान बनाने वाले जोन एक के डीसीपी ऋषिकेश सिंगा रेड्डी सहित नागपुर के चार अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक के लिए डीसीपी ऋषिकेश रेड्डी सहित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के संचालक डॉ. विजय ठाकरे, पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके और रितेश अहेर शामिल हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 31 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक की घोषणा की है. यह पदक उत्कृष्ट जांच, विशेष अभियानों, असाधारण कार्यों, खुफिया सेवाओं और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को प्रदान किया जाता है.

ब्लाइंड मर्डर केस से खुला अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क

सबसे पहले बात करते हैं डीसीपी ऋषिकेश सिंगारेड्डी की जिन्होंने एक ब्लाइंड मर्डर केस की जांच करते हुए अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क तक पहुंच बनाई. संभाजीनगर एटीएस में बतौर पुलिस अधीक्षक रहते हुए ऋषिकेश सिंगारेड्डी ने नांदेड में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड की जांच की थी. 10 फरवरी 2025 को हुई गोलीबारी में एक युवक की हत्या कर दी गई थी. इस मामले की जांच करते हुए महज 20 दिनों में एटीएस ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई थी. जांच में प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकी संगठन 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ था. पाकिस्तान में मौजूद आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा और हैप्पी पासिया की भूमिका भी सामने आई थी. इस मामले में कुल 14 आरोपियों में से 10 को गिरफ्तार किया गया, जबकि विदेश में मौजूद चार आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था.

इस महत्वपूर्ण जांच में एटीएस ने एनआईए, पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय किया था. इस प्रकरण की देशभर में चर्चा हुई थी. सिंगारेड्डी ने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. वह भारतीय पुलिस सेवा की 2019 बैच के अधिकारी है. उन्होंने 95 रैंक हासिल की थी. इससे पहले उनका 2017 में भारतीय रेलवे यातायात सेवा में चयण हुआ था. सिंगारेड्डी मुलत: आंध्र प्रदेश के कडप्पा के निवासी है. उन्हें सरल और तत्पर अधिकारी के तौर पर पहचान जाता है.

नितिन गडकरी को मिली धमकी का मामला

दूसरी बड़ी उपलब्धि पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके के नाम रही। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के जनसंपर्क कार्यालय को मिली 100 करोड़ रुपये की फिरौती और जान से मारने की धमकी के मामले की जांच में अहम भूमिका निभाई. 14 जनवरी 2023 को नागपुर स्थित नितिन गडकरी के जनसंपर्क कार्यालय में तीन धमकी भरे फोन आए थे. फोन करने वाले ने अंडरवर्ल्ड से संबंध होने का दावा करते हुए 100 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी. धंतोली की तत्कालीन पीआई प्रभावती एकुरके ने इस मामले की जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि धमकी भरे फोन कर्नाटक के बेलगावी जेल से कुख्यात अपराधी जयेश कांथा उर्फ जयेश पुजारी ने अवैध रूप से इस्तेमाल किए गए मोबाइल से किए थे. आगे की जांच में उसका संपर्क लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अफसर पाशा से होने की जानकारी सामने आई थी. इस पूरे मामले में प्रभावती एकुरके ने एटीएस और एनआईए के साथ मिलकर जांच की. पुलिस निरीक्षक रितेश अहेर ने भी जांच में महत्वपूर्ण सहयोग दिया.

फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. ठाकरे का योगदान

फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. विजय ठाकरे को भी केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया जाएगा. डॉ. ठाकरे वर्तमान में राज्य की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरीज के संचालक हैं. अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों की अहम भूमिका होती है. फॉरेंसिक जांच को मजबूत बनाने और इस क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है.

फोटो : डीसीपी ऋषिकेश सिंगारेड्डी

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