गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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नागपुर: ICICI बैंक गोल्ड लोन में 23.19 करोड़ की ठगी, ईओडब्ल्यू ने फरार आरोपी प्रफुल चौधरी को पकड़ा

नागपुर: ICICI बैंक गोल्ड लोन में 23.19 करोड़ की ठगी, ईओडब्ल्यू ने फरार आरोपी प्रफुल चौधरी को पकड़ा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने ICICI बैंक के गोल्ड लोन में कथित 23.19 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रफुल अशोक चौधरी को गिरफ्तार किया है। अदालत ने उसे 30 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है।

नागपुर में ICICI बैंक के गोल्ड लोन में कथित तौर पर 23.19 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक गिरोह ने गोल्ड लोन की प्रक्रिया में गड़बड़ी कर नकली कर्जदारों के नाम पर करोड़ों रुपए का कर्ज मंजूर कराया और नकली सोने के जेवरों को असली बताकर बैंक को चूना लगाया।

गिरफ्तार आरोपी का नाम प्रफुल अशोक चौधरी है। उसकी उम्र 39 साल बताई गई है और वह तेलंगखेड़ी, रामनगर का रहने वाला है। गिरोह का यह एक सदस्य अब पुलिस के हाथ लगा है।

इस मामले में धंतोली थाने में 30 मार्च 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला तब सामने आया जब बैंक के ऑडिट के दौरान एक खाते में गिरवी रखे गए सोने के जेवरों की शुद्धता पर ऑडिटर को शक हुआ।

मामला गंभीर लगा तो बैंक की अलग-अलग शाखाओं के गोल्ड लोन खातों का भी ऑडिट कराया गया। जांच में मनीषनगर, मेडिकल चौक, नरसाला, काटोल रोड, अजनी चौक, छत्रपति चौक, वर्धा रोड, प्रतापनगर और नंदनवन शाखाओं के गोल्ड लोन खाते देखे गए।

पुलिस ने हर खाते में यह पता लगाया कि कर्ज किसके नाम पर मंजूर हुआ, गिरवी के तौर पर क्या दिखाया गया, कर्ज की रकम किस खाते में गई और उसके बाद वह रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई। इस तरह पुलिस ने कर्ज की रकम के पूरे मनी ट्रेल को खंगाला।

आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ली गई तो मोबाइल फोन, लैपटॉप और वाहनों के साथ बैंक लेन-देन से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए गए। जांच टीम को फर्जी गोल्ड लोन ग्राहकों की एक सूची भी मिली। इस सूची ने पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।

इस मामले में दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, लेकिन प्रफुल चौधरी फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे बुधवार को गिरफ्तार किया। अदालत ने उसे 30 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है।

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