चंद्रपुर में एमबीबीएस दाखिले का झांसा देकर पालक से 8.98 लाख की ठगी, दो पर केस दर्ज
रामनगर पुलिस स्टेशन में जोगेंदर सिंह और ओम प्रकाश राठोड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
चंद्रपुर के एक अभिभावक से एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर 8 लाख 98 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस सिलसिले में रामनगर पुलिस स्टेशन में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने जोगेंदर सिंह (रहने वाले उदयपुर, राजस्थान) और ओम प्रकाश राठोड (रहने वाले बीड, महाराष्ट्र) को आरोपी बनाया है।
आरोप है कि कम पैसों में और जान-पहचान के जरिए सीधा दाखिला दिलाने का लालच देकर यह रकम ली गई। संपर्क गूगल के जरिए ऑनलाइन हुआ था।
शिकायतकर्ता मंगेश प्रभाकरराव भोंबे (50 साल, प्लॉट नंबर 19, उपगल्लावर ले-आउट, तुकूम, चंद्रपुर) चंद्रपुर में मेडिकल एजेंसी चलाते हैं। वे अपनी बेटी और अपने दोस्त शरद रणदिवे के बेटे के एमबीबीएस दाखिले के लिए अच्छे कॉलेज की तलाश में थे। इसी बीच शरद रणदिवे ने गूगल पर सर्च करके काउंसलर ओमप्रकाश राठोड से संपर्क किया।
शिकायत के मुताबिक राठोड ने बताया कि उसका जानकार जोगेंदर सिंह उदयपुर का है और एमबीबीएस और बीडीएस में कम पैसों में सेटिंग करके सीधा दाखिला करवा देता है। दोनों ने यह भी कहा कि वे पहले कई लोगों के दाखिले करवा चुके हैं, और इस तरह उन्होंने भरोसा जीत लिया।
भरोसे के चलते भोंबे और उनके दोस्त 7 सितंबर 2025 को उदयपुर के लिए रवाना हुए और 8 सितंबर 2025 को पैसिफिक कॉलेज, उदयपुर पहुंचे। राठोड के कहने पर वे कॉलेज की प्रशासनिक अधिकारी शर्मा से मिले। कॉलेज प्रशासन ने फॉर्म भरने को कहा और दाखिला प्रक्रिया के लिए कॉलेज के अकाउंटेंट के बैंक खाते में ऑनलाइन 1 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। कुछ ही दिनों में उस कॉलेज में नंबर नहीं लगा, तो उन्होंने 1 लाख रुपये वापस मांगे, जो कॉलेज ने 15 दिन में लौटा दिए।
इसके बाद जोगेंदर सिंह ने कहा कि सांगली के प्रकाश इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च फॉर मॉडर्न मेडिसिन कॉलेज में उसकी जान-पहचान है और वहां दोनों का एमबीबीएस में कन्फर्म दाखिला करवा देगा। ओपन कैटेगरी की बेटी के लिए 20 लाख रुपये और ओवरहेड खर्च बताकर वह समय-समय पर पैसे मांगता रहा।
भोंबे ने 8 नवंबर 2025 से जोगेंदर सिंह के दिए यूपीआई आईडी और अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे भेजे। कुछ रकम उनके दोस्त शरद रणदिवे और भाई अमोल कोहळे के खातों से भी भेजी गई। अलग-अलग बैंक खातों से जुड़े यूपीआई के जरिए कुल 8 लाख 98 हजार रुपये लिए गए।
बार-बार पैसे देने के बावजूद दाखिला नहीं मिला और ठगी का एहसास होने पर भोंबे ने रामनगर पुलिस स्टेशन आकर शिकायत दर्ज करवाई। उस शिकायत पर रामनगर पुलिस ने आरोपी जोगेंदर सिंह और ओम प्रकाश राठोड के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच रामनगर पुलिस कर रही है।